तमिलनाडु राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को अपनाने में तेजी लाने के मकसद से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचे में सुधार करने में लगा हुआ है। तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टी आर बी राजा ने यह जानकारी दी है।
ईवी खपत को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने एक नीति में भी बदलाव किया है। जिससे बैटरी से चलने वाले ई-ऑटोरिक्शा, ई-टैक्सी और ई-बसों को बिना परमिट शुल्क का भुगतान करने की जरूरत नहीं और इसके बिना ही परिवहन विभाग परमिट जारी कर सकता है। इससे पहले, बैटरी से चलने वाले यात्री वाहनों और मीथेनॉल या इथेनॉल ईंधन पर चलने वाले वाहनों को परमिट जारी नहीं किया जा रहा था। 2018 में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की थी कि बैटरी से चलने वाले यात्री वाहनों और मीथेनॉल या इथेनॉल ईंधन पर चलने वाले यात्री वाहनों को परमिट हासिल करने से छूट दी गई थी।
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तमिलनाडु सरकार का ताजा कदम 16 जून को शहर में उद्योग मंत्री राजा के साथ हुई एक बैठक की पृष्ठभूमि में आया है, जिन्हें इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के सदस्यों ने इस मुद्दे से अवगत कराया था।
इसके अनुसार, सरकार ने ई-ऑटो-रिक्शा, ई-टैक्सी और निजी ईवी बसों या मीथेनॉल या इथेनॉल ईंधन पर चलने वाले यात्री वाहनों के पंजीकरण की अनुमति देने वाली नीति में संशोधन किया है, 'परिवहन विभाग द्वारा बिना परमिट शुल्क के परमिट जारी किए जाएंगे।'
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एक आधिकारिक रिलीज में कहा गया है कि ई-ऑटो-रिक्शा, ई-टैक्सी और ईवी बसों जैसे यात्री परिवहन के रूप में चलने वाले ईवी का पंजीकरण अब तमिलनाडु में शुरू होगा।
राजा ने कहा, "यह इस बात का उदाहरण है कि यह सरकार उद्योग की जरूरतों के प्रति कितनी ग्रहणशील है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के प्रभावी नेतृत्व के कारण हम नीतिगत बदलावों को तेजी से लागू करने में सक्षम हैं।"
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यह संशोधन सरकार को ईवी को अपनाने में तेजी लाकर अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2023 को लागू करने में सक्षम करेगा।
उन्होंने कहा, "उद्योग से मिले फीडबैक के आधार पर, हम पूरे तमिलनाडु में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे में सुधार पर भी काम कर रहे हैं। इन सभी कदमों से निश्चित रूप से राज्य में ईवी की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।"
28 जून को, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव पी अमुधा ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि सभी परिवहन वाहन जो बैटरी से चलते हैं या मीथेनॉल या इथेनॉल ईंधन पर चलते हैं (माल वाहनों को छोड़कर जिनका सकल वाहन वजन 3,000 किलोग्राम से कम है) को बिना परमिट शुल्क परमिट जारी किया जाएगा।
रिलीज में कहा गया है, "इसने एक महत्वपूर्ण नीतिगत अंतर को पाट दिया है और तमिलनाडु में ईवी बेड़े के विस्तार की सुविधा प्रदान करेगा।"