टेस्ला ने अपने घरेलू बाजार अमेरिका में 947 इलेक्ट्रिक वाहनों को वापस मंगाया है। दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता ने रियरव्यू इमेज डिस्प्ले में देरी के कारण तीन इलेक्ट्रिक कार मॉडल में रिकॉल शुरू किया है। नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) के मुताबिक, हो सकता है कि कारों के रिवर्स होने पर रियरव्यू इमेज तुरंत डिसप्ले न हो।
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Tesla Model S Electric car
- फोटो : Tesla
NHTSA ने कहा, "रियरव्यू कैमरा डिस्प्ले की देरी से उपलब्धता ड्राइवर के रियरव्यू को प्रभावित कर सकती है और टक्कर के जोखिम को बढ़ा सकती है। चालक पीछे मुड़कर देखने और अपने मिरर का इस्तेमाल करके वाहन को रिवर्स करना जारी रख सकते हैं।"
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Tesla Model X
- फोटो : For Reference Only
टेस्ला के लेटेस्ट रिकॉल में 2017 और 2020 के बीच बने Model 3 EV, 2018 और 2019 के बीच बने Model S ईवी और 2018 और 2019 के बीच बनी और बेची गईं Model X कारें शामिल हैं। ये इलेक्ट्रिक वाहन ऑटोपायलट कंप्यूटर 2.5 से लैस हैं और कुछ फर्मवेयर रिलीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। टेस्ला ने कहा कि यह समस्या को हल करने के लिए एक ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट करेगा।
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Tesla Model S
- फोटो : Tesla
इस साल 6 बार रिकॉल जारी हो चुके
हाल के महीनों में टेस्ला ने सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण कई बार कारों को रिकॉल किया है। उनमें से यह लेटेस्ट है। कुल मिलाकर, टेस्ला ने इस साल विभिन्न कारणों से पहले ही छह बार रिकॉल जारी किए हैं। पिछले साल दिसंबर में, टेस्ला ने सीमित संख्या में वाहनों और उसके फ्लीट मॉनिटरिंग टूल के लिए फर्मवेयर तैनात करना शुरू कर दिया था। 18 मार्च के रिकॉल नोटिस के अनुसार, बाद में उस अपडेट के साथ "मॉडल 3 वाहनों के बीच कंप्यूटर रीसेट होने की असामान्य फ्रीक्वेंसी" पाई गई।
भारत कब आएगी टेस्ला
टेस्ला भारतीय बाजार में आने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। टेस्ला भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारें बाहर से इम्पोर्ट करके बेचना चाहती है। टेस्ला इम्पोर्ट टैक्स को ज्यादा बताते हुए इसमें कमी करने की मांग कर रही है। लेकिन भारत सरकार चाहती है कि टेस्ला देश में इंपोर्ट टैक्स में कटौती के योग्य होने के लिए भारत में ही कार का निर्माण करे या ऑटो पार्ट्स को स्थानीय रूप से खरीदे।