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MoRTH: तमिलनाडु ने 2019-2023 के बीच जारी किए सबसे ज्यादा ई-चालान, यूपी ने जमा किया सबसे अधिक राजस्व

Sat, 07 Dec 2024 05:01 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लोकसभा को बताया कि देश भर में 1 जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2023 के बीच 18.24 करोड़ से ज्यादा ई-चालान जारी किए गए। चालान जारी करने के मामले में तमिलनाडु टॉप पर है। जबकि उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा राजस्व संग्रह किया है।
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Highway surveillance camera overlooking traffic flow - फोटो : Adobe Stock
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) (MoRTH) ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कि देश भर में 1 जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2023 के बीच 18.24 करोड़ से ज्यादा ई-चालान जारी किए गए। जिसकी वजह से 12,632 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि चालान जारी करने के मामले में तमिलनाडु टॉप पर है। जबकि उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा राजस्व संग्रह किया है।
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Traffic Camera - फोटो : iStock
सबसे ज्यादा 5.57 करोड़ चालान वाले दक्षिणी राज्य ने 755.58 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया। जबकि यूपी का योगदान 2,495 करोड़ रुपये रहा, जिसने इस अवधि के दौरान 4.4 करोड़ ई-चालान जारी किए। राजस्व के मामले में तमिलनाडु छठे नंबर पर रहा।

तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश कुल जारी किए गए ई-चालानों में से लगभग आधी हिस्सेदारी रखते हैं।
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National Highway - फोटो : X/@nitin_gadkari
तमिलनाडु में प्रतिदिन जारी किए गए ई-चालानों की औसत संख्या लगभग 30,540 थी, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 24,098 से ज्यादा थी। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसत संग्रह 1.36 करोड़ रुपये रहा, जबकि तमिलनाडु में यह 80.23 लाख रुपये रहा।

कैलेंडर वर्ष 2019 और 2023 के बीच भारत भर में जारी किए गए औसत दैनिक ई-चालान 99,893 थे। जबकि उत्पन्न राजस्व 6.91 करोड़ रुपये था।

मंत्रालय ने कहा कि इन आंकड़ों में तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार शामिल नहीं हैं। जहां इस अवधि में ई-चालान लागू नहीं किए गए।

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लोकसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। - फोटो : PTI
भारत में 38.51 करोड़ पंजीकृत मोटर वाहन हैं
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सदन को बताया कि 30 नवंबर तक भारत में पंजीकृत मोटर वाहनों की कुल संख्या लगभग 38.51 करोड़ है। 

उन्होंने यह भी बताया कि 30 नवंबर तक भारत में 2.18 करोड़ परिवहन वाहनों में से 10.70 लाख वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (एसएलडी) लगे हुए हैं।
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Traffic Camera - फोटो : iStock
गडकरी ने कहा, "ड्राइविंग लाइसेंस के नेशनल रजिस्टर यानी सारथी 4.0 के मुताबिक, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और वैध लर्नर लाइसेंस की कुल संख्या क्रमशः 18.20 करोड़ और 95.79 लाख है।"

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस में वाहनों की कई श्रेणियां जोड़ी जा सकती हैं। इसके अलावा, कोई व्यक्ति या कंपनियां, गैर सरकारी संगठन, सरकार, स्थानीय निकाय जैसी संस्थाएं अपने नाम पर एक से ज्यादा मोटर वाहन रख सकती हैं। 
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Traffic - फोटो : Amar Ujala
गडकरी ने यह भी बताया कि वाहन 4.0 पर बीमा सूचना ब्यूरो (आईआईबी) के अनुसार, बीमित मोटर वाहनों की कुल संख्या 17.54 करोड़ है। जबकि मोटर वाहनों के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की कुल संख्या 5.34 करोड़ है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की भूमिका मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में निहित प्रावधानों के अनुसार केन्द्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत नियमों और विनियमों को अधिसूचित करना है।

मंत्रालय ने कहा, "मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के प्रावधानों का कार्यान्वयन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आता है।"
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