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SIAM: भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट इकोसिस्टम बनाने पर जोर देना चाहिए, सियाम अध्यक्ष ने कहा- ये बड़े बदलाव का दौर

Fri, 12 Sep 2025 10:58 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने गुरुवार को कहा कि भारत को निर्णायक कदम उठाकर रेयर अर्थ मैग्नेट (Rare Earth Magnet) का पूरा इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए।
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Automobile Industry - फोटो : PTI
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने गुरुवार को कहा कि भारत को निर्णायक कदम उठाकर रेयर अर्थ मैग्नेट (Rare Earth Magnet) का पूरा इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, देश में इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और हमें इन्हें पूरी तरह से भुनाना होगा।

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Car Plant - फोटो : Freepik
चीन की पाबंदियों से सप्लाई चेन पर असर
उन्होंने बताया कि चीन की ओर से रेयर अर्थ मिनरल्स और मैग्नेट्स की ग्लोबल सप्लाई पर लगाए गए प्रतिबंधों से पूरी सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसकी वजह से इंडस्ट्री को कारोबार चलाने में मुश्किलें आ रही हैं। सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए भारत में रेयर अर्थ मिनरल्स और मैग्नेट्स के उत्पादन पर इंसेंटिव देने पर विचार कर रही है।

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Automobile Industry - फोटो : PTI
भारतीय ऑटो इंडस्ट्री बदलाव के मोड़ पर
चंद्रा, जो टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं, ने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इस समय एक "बड़े बदलाव के दौर" से गुजर रही है। भारत रिकॉर्ड स्तर पर वाहन निर्यात कर रहा है, लोकलाइजेशन धीरे-धीरे बढ़ा रहा है और भविष्य की तकनीकों की नींव रख रहा है।

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Auto Sales - फोटो : Adobe Stock
ग्लोबल मार्केट में अब भी छोटी हिस्सेदारी
हालांकि, उन्होंने माना कि वैश्विक ऑटोमोबाइल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी अभी भी कम है। इसमें बिक्री और कीमत दोनों के लिहाज से बड़ी गुंजाइश मौजूद है। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाना अब एक रणनीतिक प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे भारत की ग्लोबल वैल्यू चेन में हिस्सेदारी मजबूत हो सके।

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Car Plant - फोटो : Freepik
सरकार की नीति से इंडस्ट्री को सहारा
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में सरकार ने प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी कई मजबूत नीतियां लागू की हैं, जिससे इंडस्ट्री को मुश्किल समय में भी मजबूती मिली है।

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Car Plant - फोटो : Freepik
आगे क्या जरूरी है
चंद्रा ने कहा कि भारत को आगे बढ़ने के लिए तीन चीजों पर फोकस करना होगा:
  • एडवांस मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी को और मजबूत करना ताकि ग्लोबल स्टैंडर्ड पूरे किए जा सकें।
  • आर एंड डी (R&D) और क्लीनर व्हीकल टेक्नोलॉजी पर ज्यादा निवेश करना।
  • एक मजबूत सप्लायर इकोसिस्टम बनाना, जो क्वालिटी, कीमत और डिलीवरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो।

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