ओला इलेक्ट्रिक एक बार फिर नियामकीय जांच के घेरे में है। क्योंकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक्सपैंशन डिटेल्स (विस्तार योजनाओं) का खुलासा करके डिस्क्लोजर नॉर्मस (प्रकटीकरण मानदंडों) का उल्लंघन करने के लिए चेतावनी भेजी है। यह चेतावनी ओला इलेक्ट्रिक द्वारा अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के साथ-साथ अपने ग्राहकों को आफ्टरसेल्स सर्विस प्रदान करने के प्रयास में भारत भर में 3,200 शोरूम खोलने के कुछ दिनों बाद आई है। सेबी ने चेतावनी दी है कि अगर ओला भविष्य में इस तरह के उल्लंघन दोहराता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सेबी के चेतावनी पत्र के परिणामस्वरूप, बुधवार सुबह, 8 जनवरी को ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में लगभग पांच प्रतिशत की गिरावट आई।
विज्ञापन
2 of 5
Ola Electric Scooter
- फोटो : X/@bhash
सेबी ने इस बात पर आपत्ति जताई कि ओला इलेक्ट्रिक ने अपने विस्तार की योजनाओं की घोषणा एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए की थी। ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ और संस्थापक भाविश अग्रवाल ने दिसंबर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एलान किया कि ईवी निर्माता 2024 के आखिर तक भारत में अपने नेटवर्क का विस्तार 4,000 शोरूम के साथ करेगा। कंपनी ने 25 दिसंबर को एक ही दिन में पूरे देश में 3,200 शोरूम खोले।
विज्ञापन
3 of 5
Ola Electric Scooter
- फोटो : PTI
ओला इलेक्ट्रिक के लिए सेबी की चेतावनी
सेबी के अनुसार, विस्तार योजना को स्टॉक एक्सचेंजों के साथ डिस्क्लोजर प्रकाशित किए बिना लागू किया गया था। सेबी ने मंगलवार (7 जनवरी) को भाविश अग्रवाल को चेतावनी पत्र भेजा। पत्र में लिखा था, "यह 2 दिसंबर, 2024 को स्टॉक एक्सचेंजों पर आपके डिस्क्लोजर के संदर्भ में है। जिसमें 20 दिसंबर, 2024 तक आपकी कंपनी के स्वामित्व वाले स्टोर नेटवर्क के चार गुना विस्तार की योजनाओं के बारे में जानकारी प्रसारित की गई थी। यह देखा गया है कि आपके द्वारा 2 दिसंबर, 2024 को दोपहर 1:36 बजे (बीएसई) और 1:41 बजे (एनएसई) स्टॉक एक्सचेंजों पर जानकारी प्रसारित की गई थी। इसकी घोषणा आपके प्रमोटर और सीएमडी भाविश अग्रवाल द्वारा 2 दिसंबर, 2024 को सुबह 9:58 बजे एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पहले ही कर दी गई थी।"
4 of 5
Ola S1 Air Electric Scooter
- फोटो : Ola Electric
नियामक ने ओला को इस बात के लिए फटकार लगाई कि उसने अन्य माध्यमों से इसकी घोषणा करने से पहले अपने निवेशकों को विस्तार योजनाओं के बारे में नहीं बताया। पत्र में लिखा है, "स्टॉक एक्सचेंजों पर पहले सूचना प्रसारित करने में नाकाम रहने और इसके बजाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी घोषणा करने से, आप सभी निवेशकों को सूचना तक समान और समय पर पहुंच प्रदान करने में विफल रहे हैं।" पत्र में ओला को भविष्य में इस तरह के उल्लंघन से बचने या प्रवर्तन कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी भी दी गई है।
ओला का विवादों से नाता
ओला इलेक्ट्रिक पिछले साल से ही विवादों में घिरी हुई है। जब इसकी खराब आफ्टरसेल्स सर्विस (बिक्री के बाद की सेवा) को लेकर हजारों ग्राहकों की शिकायतों के बाद उपभोक्ता निगरानी संस्था केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण एजेंसी (CCPA) ने जांच शुरू की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रोश के बाद ओला पर कथित तौर पर 'उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन, भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार प्रथाओं' का आरोप लगाया गया था। तब से, ओला इलेक्ट्रिक की न सिर्फ बिक्री में गिरावट आई है, बल्कि इसके शेयर की कीमतों में भी गिरावट आई है। ओला इलेक्ट्रिक ने पिछले साल अगस्त में भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं में से पहला आईपीओ दाखिल किया था।