पाकिस्तानी कार बाजार अब तक के सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है और पिछले समय की तुलना में बिक्री केवल मुट्ठी भर रह गई है। जबकि जून में बिक्री मई की तुलना में बेहतर थी, यह आंकड़ा जून 2022 की बिक्री संख्या की हल्की छाया मात्र थी।
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Suzuki Alto 660cc
- फोटो : For Reference Only
पाकिस्तान ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (PAMA) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे जून में देश में कुल 6,034 कारें ही बिकीं। मई के आंकड़ों की तुलना में यह 10 प्रतिशत ज्यादा है लेकिन 2022 के इसी महीने से 82 प्रतिशत कम है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में कारों की बिक्री घटकर 1,26,879 यूनिट्स रह गई, जो लगभग 56 प्रतिशत की गिरावट है। और राहत की कोई संभावना नहीं होने के कारण गिरावट आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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Toyota Vitz
- फोटो : Social Media
पाकिस्तान में कार बाजार की राह में कई कारक बड़ी बाधा बनकर उभरे हैं। पूरी तरह से नॉक्ड डाउन किट (सीकेडी) की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है, जबकि मौजूदा इन्वेंटरी की ऊंची कीमतों ने ग्राहकों में खरीदारी की भावना को भी नुकसान पहुंचाया है। ऑटो फाइनेंसिंग दरों में बढ़ोतरी से खरीदने के सामर्थ्य में कोई मदद नहीं मिली है और बड़े पैमाने पर ग्राहकों की खरीद शक्ति में गिरावट आई है।
पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है और ऑटोमोटिव उद्योग कुल मिलाकर तीव्र दबाव महसूस कर रहा है। कई निर्माताओं ने उत्पादन समयसीमा में अस्थायी रोक का भी एलान किया।
किसने कितने वाहन बेचे?
पीएएमए के आंकड़ों के अनुसार, बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी पाक सुजुकी की जून में बिक्री में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और 3,009 यूनिट्स बेची गईं। देश में टोयोटा वाहनों को असेंबल करने वाली इंडस मोटर कंपनी की बिक्री सात प्रतिशत बढ़कर 1,846 यूनिट्स हो गई। ह्यूंदै निशात मोटर्स ने जून में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जिसमें ट्यूशॉ एसयूवी सबसे लोकप्रिय मॉडल रही। लेकिन ये आंकड़े यहां की कंपनियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं और मौजूदा चुनौतियां नजदीकी भविष्य में भी बनी रहने की संभावना है।