डेटा उल्लंघन इन दिनों असामान्य नहीं हैं और डिजिटलीकरण पर बहुत अधिक निर्भर ऑटोमोटिव उद्योग अक्सर साइबर हमलावरों का शिकार बन जाता है। वाहन मालिकों के डेटा में सेंध लगाने की ताजा घटना अमेरिका के लूसियाना में हुई, जहां एक बड़े साइबर हमले में कथित तौर पर राज्य के सभी वाहन मालिकों का डेटा लीक हो गया। द गार्जियन की रिपोर्ट है कि यह साइबर हमला रूस से किया गया है जिसमें अमेरिकी राज्य के सभी वाहन मालिकों के डिटेल्स का उल्लंघन किया।
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लूसियाना वाहन मालिकों को प्रभावित करने वाले डेटा उल्लंघन ने कथित तौर पर वाहन मालिकों के नाम, पते और सामाजिक सुरक्षा नंबर जैसी जानकारी लीक कर दी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साइबर हमले से उनके ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, वाहन पंजीकरण डेटा, जन्मतिथि, ऊंचाई, आंखों का रंग और कई अन्य जानकारी भी उजागर हो गई है। इसका दावा है कि इस बड़े हमले में अमेरिकी राज्य में लगभग 60 लाख रिकॉर्ड लीक हो गए।
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रिपोर्ट से पता चलता है कि रूस से जुड़े CIop (सीआईओपी) नाम के एक गिरोह ने साइबर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है, जिसने बड़ी फाइलों को ट्रांसफर करने के लिए डिजाइन किए गए स्पेशल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके विभिन्न संगठनों को निशाना बनाया था। हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर दावा किया गया कि उसका सरकारी एजेंसियों से हासिल डेटा का शोषण करने का कोई इरादा नहीं था। लुइसियाना के गवर्नर ने कथित तौर पर कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि हैकर्स ने लेटेस्ट साइबर हमले में सामने आई जानकारी को चुराया, इस्तेमाल किया या साझा किया।
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लुइसियाना प्रशासन ने प्रभावित वाहन मालिकों को किसी भी हानिकारक गतिविधियों से खुद को बचाने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड फ्रीज करने और अपने डिजिटल पासवर्ड बदलने की सलाह दी है। उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है।
यह पहली बार नहीं है, जब ऑटोमोबाइल उद्योग और उसके हितधारक साइबर हमले से प्रभावित हुए हैं। हाल के दिनों में, कई ऑटो निर्माताओं को साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। जबकि कुछ मामलों में, संवेदनशील उपभोक्ता जानकारी और डेटा लीक हो गए, कुछ मामलों में, वाहन निर्माताओं को अपने दैनिक मैन्युफेक्चरिंग कामकाज को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा।