ईरान की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी Iran Khodro Industrial Group (ईरान खोदरो इंडस्ट्रियल ग्रुप) (IKCO), रूस में अपने सफल कार निर्यात के बाद, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद अपने ऑटोमोटिव कारोबार को अन्य देशों में विस्तारित करने का लक्ष्य बना रही है और अब उसने भारत पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं। वेनेजुएला और रूस के बाजारों पर कब्जा करने के बाद, ईरानी वाहन निर्माता खोदरो अपने साझेदार देशों की मांगों को पूरा करने के लिए अपने कार उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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खोदरो की लॉजिस्टिक्स मैनेजर लीला यूसुफी से जब भारतीय बाजार के लिए कंपनी की योजनाओं के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने भारत में बाजार का विस्तार करने का विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से, अगर भारत अनुमति देता है, तो हम भारतीय बाजार में एंट्री करेंगे।"
यूसुफी ने कहा, "जरूर। अगर भारत इजाजत देगा। हम भारत आएंगे।"
खोदरो के मुताबिक, उनकी क्षमता प्रति घंटे 40 से ज्यादा कारों का उत्पादन करने की है।
लीला ने एएनआई को बताया, "हम इस समय प्रति घंटे 43 कारों का उत्पादन करने में सक्षम हैं और हम अपनी कारें वेनेजुएला और रूस भेज रहे हैं।"
ईरान अपने साझेदार देशों की मांग को पूरा करने के लिए और ज्यादा कारों का उत्पादन करने के लिए आश्वस्त है।
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यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान को ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चरिंग में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, IKCO के लॉजिस्टिक्स मैनेजर ने कहा, "हमने उसे हरा दिया है। कई समस्याएं थीं लेकिन सौभाग्य से हम प्रतिबंध पर काबू पाने में सफल रहे।"
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन यह बहुत मुश्किल था।"
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तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जा करने के बाद, 1979 से अमेरिका ने विभिन्न कानूनी प्राधिकरणों के तहत ईरान के साथ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
राज्य का आर्थिक प्रतिबंध नीति और कार्यान्वयन कार्यालय कई अमेरिकी प्रतिबंध कार्यक्रमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है, जो ईरान में कुछ वाणिज्यिक गतिविधियों से जुड़ी कंपनियों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुंच को प्रतिबंधित करते हैं।
लीला ने कहा, IKCO अन्य देशों से नई टेक्नोलॉजी लेने की भी योजना बना रही है। उन्होंने कहा, "देश का विकास हमारी सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है और हम अन्य देशों से नई टेक्नोलॉजी की तलाश कर रहे हैं।"
IKCO के मुताबिक, ईरान देश में लगभग 85 प्रतिशत ऑटोमोबाइल पार्ट्स का उत्पादन मेक इन ईरान उत्पादों के रूप में करता है और अन्य 15 प्रतिशत अन्य देशों में करता है।