एलन मस्क ने अप्रैल 2016 में भारतीयों को Tesla Model 3 (टेस्ला मॉडल 3) के लिए प्री-ऑर्डर करने का निमंत्रण दिया। जिससे पूरे देश में उत्साह की लहर दौड़ गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हेल्थ-टेक स्टार्टअप GOQii (गोकी) के संस्थापक और सीईओ विशाल गोंदल जैसे उत्साही लोगों का कहना है कि उन्होंने उत्सुकता से 1,000 डॉलर की डिपॉजिट राशि का भुगतान किया। लॉन्च की तारीख या अंतिम कीमत न जानने के बावजूद, गोंदल इंतजार करने को तैयार थे। हालांकि, आठ साल बाद, गोंदल सहित कई लोगों को अभी तक अपनी कारें नहीं मिली हैं, जिससे निराशा और संदेह पैदा हो गया है।
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Tesla Electric Car
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उत्पादन और बाजार की चुनौतियां
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटो बाजार भारत अनूठी चुनौतियों पेश करता है। 2023 में कार की औसत कीमत 14,000 डॉलर थी जो, अमेरिका में 47,000 डॉलर थी। ऐसे में 40,000 डॉलर की टेस्ला मॉडल 3 को भारत में एक लग्जरी वाहन के रूप में देखा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस कीमत निर्धारण, उच्च आयात शुल्क और व्यापक बिक्री के बाद सर्विस की आवश्यकता के साथ, टेस्ला के बाजार में एंट्री जटिल हो गया है।
गोंदल ने आखिरकार ऑडी से एक इलेक्ट्रिक एसयूवी खरीदी, और एक दोस्त की मदद के बाद जनवरी 2023 में टेस्ला से अपनी 1,000 डॉलर की डिपॉजिट वापस पा ली। मुंबई के डिजाइनर हेमंत सुथार जैसे अन्य लोगों ने भी अपनी जमा राशि वापस ले ली, और टेस्ला के न्यूनतम दृष्टिकोण पर अब उपलब्ध लग्जरी ईवी के मुकाबले संदेह जताया।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
सरकारी नीति और बाजार की गतिशीलता
महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसे स्थानीय ब्रांडों की रक्षा करते हुए, अंतरराष्ट्रीय ऑटो निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए, भारत ने 35,000 डॉलर से कम की कारों के लिए ईवी पर आयात शुल्क 70-100% से घटाकर 15% कर दिया। बशर्ते कि ऑटोमेकर स्थानीय निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हो। इसके बावजूद, मस्क की 2019 की चिंताएं कि उच्च आयात शुल्क संभावित रूप से टेस्ला को "असहनीय" बना सकता है, बनी हुई है। अप्रैल 2024 में एक नियोजित फैक्ट्री की घोषणा रद्द कर दी गई, जिससे अनिश्चितता बढ़ गई।
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Elon Musk
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वैश्विक बाजार में बदलाव
पिछले पांच वर्षों में टेस्ला का वैश्विक बाजार काफी बदल गया है। अब चीन, जर्मनी और अमेरिका में कारखानों वाली कंपनी की बिक्री में गिरावट आई है। उनके एकमात्र नया उत्पाद साइबरट्रक को अभी तक विदेशों में महत्वपूर्ण मांग नहीं मिली है। 2024 की पहली छमाही में, टेस्ला ने 8,31,000 वाहन बेचे, जो कि मस्क के पूरे वर्ष के लिए 18 लाख से ज्यादा के पूर्वानुमान से कम है।
सलाहकार तु ले का सुझाव है कि टेस्ला के लिए भारत जैसे उभरते बाजारों के अनुकूल होना चुनौतीपूर्ण है। स्थानीय प्रतिस्पर्धी जैसे बीवाईडी, जिसने सस्ते और प्रीमियम दोनों मॉडल के साथ विश्व स्तर पर विस्तार किया है, प्रतिस्पर्धा को तेज कर रहे हैं। ले ईवी में नएपन की आती कमी और प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए टेस्ला को ज्यादा किफायती मॉडल की पेशकश की जरूरत पर जोर दिया।
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BYD Cars
- फोटो : BYD
मौजूदा बाजार और भविष्य की संभावनाएं
भारत का ईवी बाजार, हालांकि बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी छोटा है। जिसमें 2023 में कुल कार बिक्री का सिर्फ 2% ईवी है। टाटा मोटर्स बाजार में अग्रणी है, जिसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा और बीवाईडी भी महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, बीवाईडी ने मार्च 2024 में भारत में बीवाईडी सील पेश की।
बड़े पैमाने पर खरीदारों को आकर्षित करने के लिए, टेस्ला को अपनी कारों की कीमत लगभग 30,000 डॉलर रखना होगा। जिसके लिए स्थानीय निर्माण की जरूरत होगी। टेस्ला की स्थापित लग्जरी ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता के बारे में संदेह बना रहता है। जिनके भारत में लंबे समय से डीलरशिप और सर्विस नेटवर्क हैं। टेस्ला को एक मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की भी जरूरत होगी।
अनिश्चित भविष्य
फैक्ट्री क्षमता बढ़ाने और 2025 में आने वाले एक किफायती मॉडल की योजनाओं के बावजूद, भारत में टेस्ला का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। भारत में औद्योगिक विकास के प्रयासों का नेतृत्व करने वाले राजेश कुमार सिंह ने कहा कि टेस्ला के साथ चर्चा स्टाफ में बदलाव के कारण जटिल हो गई है। जिससे टेस्ला के भारतीय उद्यम का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
जैसे-जैसे ईवी परिदृश्य विकसित होता है, टेस्ला के लिए चुनौती स्पष्ट है। स्थानीय बाजार के अनुकूल होना या तेजी से बदलते उद्योग में पीछे रहने का जोखिम उठाना।