भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो चुका है। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात होने वाली गाड़ियों समेत कई तरह की चीजों पर लगने वाले शुल्क में भारी कटौती की जाएगी। आइए जानते हैं भारत में कार ग्राहकों को इस डील से क्या फायदा मिलने वाला है।
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लग्जरी गाड़ियों पर घटेगा शुल्क
- फोटो : Land Rover
India-UK FTA Sign: अमेरिका की आक्रामक टैरिफ नीति से फैली वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत और ब्रिटेन ने गुरुवार को ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रिमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच वाहनों के आयात-निर्यात पर लगने वाला शुल्क कम हो जाएगा, जिसका दोनों देशों को फायदा होगा और ग्राहकों को गाड़िया सस्ती कीमत पर मिलेंगी। आइए कुछ मुख्य बिंदुओं में जानते हैं भारत-ब्रिटेन के बीच एफटीए साइन होने से कार खरीदारों को क्या फायदा होगा।
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सिर्फ लग्जरी गाड़ियों पर मिलेगा फायदा
- फोटो : Aston Martin
सिर्फ लग्जरी गाड़ियों पर मिलेगा फायदा
इस समझौते के तहत केवल भारत में ब्रिटिश कंपनियों की केवल बड़ी और लग्जरी गाड़ियों को ही आयात शुल्क में छूट दी जाएगी। घरेलू मार्केट की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन से आने वाली छोटी और मध्यम आकार की कारों को आयात शुल्क में छूट नहीं दी जाएगी। अगर कार कंपनियों के बात करें तो भारत में लैंड रोवर, बेंटले, एस्टन मार्टिन, मिनी, जगुआर, लोटस, मक्लरेन और रोल्स-रॉयस जैसी ब्रिटिश कंपनियों की कारें सस्ती हो सकती हैं।
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पहले 5 साल में इन वाहनों पर नहीं होगी छूट
- फोटो : Rolls-Royce
पहले 5 साल में इन वाहनों पर नहीं होगी छूट
भारत-ब्रिटेन एफटीए समझौते के तहत शुरूआत के 5 वर्षों तक इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों को छूट नहीं दी जाएगी। यह नियम भारत के घरेलू बाजार में निर्माताओं को सुरक्षित रखने के लिए लागू किया गया है।
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सस्ती कारों के लिए सुरक्षित रहेगा घरेलू बाजार
- फोटो : Bentley
93.5 लाख से महंगे वाहनों को ही राहत
40,000 ब्रिटिश पाउंड (करीब 46.5 लाख रुपये) से कम कीमत वाले वाहनों को कोई लाभ नहीं दिया जाएगा। इससे घरेलू बाजार में बड़े पैमाने पर बिकने वाली किफायती और प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों को पूरी तरह सुरक्षा मिलती है। वहीं, 80,000 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 93.5 लाख रुपये से महंगे वाहनों को ही भारतीय बाजार तक पहुंच दी जाएगी।
10 फीसदी होगा आयात शुल्क
वर्तमान में ब्रिटेन से भारत आने वाली गाड़ियों पर सरकार 110 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाती है, जिससे लग्जरी गाड़ियां और भी महंगी हो जाती है। एफटीए के तहत अब दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात होने वाली गाड़ियों पर केवल 10 प्रतिशत का ही आयात शुल्क लगाया जाएगा। इनमें 3000 सीसी से ऊपर की पेट्रोल और 2500 सीसी से ऊपर की डीजल गाड़ियां शामिल होंगी।