प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा की है। इस दौरान देश ने कई मोर्चों पर सहयोग करने का वादा किया। पीएम मोदी की यात्रा के कुछ दिनों बाद ही, भारत की अग्रणी बैटरी सामग्री कंपनी, Epsilon Advanced Materials (EAM), एप्सिलॉन एडवांस्ड मटेरियल्स (ईएएम) ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका में ईवी बैटरी कंपोनेंट प्लांट सुविधा के लिए 650 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 53.3 अरब रुपये) का निवेश करेगी।
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कंपनी ने मीडिया को जारी किए गए एक बयान में कहा कि वह "हरित प्रौद्योगिकियों के जरिए उत्पादित उच्च क्षमता वाली एनोड सामग्री" की आपूर्ति के लिए अमेरिका में 50,000 टीपीए सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाएगी। अमेरिका में प्रस्तावित सुविधा 10 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों को बिजली देने के लिए महत्वपूर्ण बैटरी सामग्री प्रदान करेगी।
कंपनी ने रिलीज में कहा, "इस समय, यह सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड प्रोसेसिंग सुविधा अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी उद्योग में सबसे बड़ा भारतीय निवेश है। यह निवेश एक मजबूत अमेरिका-भारत व्यापार संबंध बनाने और स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा विकल्प बनाने में योगदान देने के लिए निर्देशित है।"
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पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के बाद भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान में कहा गया था कि दोनों नेताओं ने यूएस ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी कंपोनेंट कारखाने में 650 मिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश करने की भारत की एप्सिलॉन कार्बन लिमिटेड की योजना के एलान की सराहना की।
कंपनी ने कहा कि वह वर्तमान में रेगुलेटरी अप्रूवल (विनियामक अनुमोदन), पर्यावरण परमिट और राज्य और स्थानीय प्रोत्साहन समझौतों के अधीन प्रस्तावित प्लांट के लिए अमेरिका भर में कई जगहों का मूल्यांकन कर रही है।
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"कार्बन उत्सर्जन को कम करने और परिवहन लागत को कम करने पर ध्यान देने के साथ एक निर्बाध सप्लाई चेन नेटवर्क बनाने के लिए इसने पहले ही स्थानीय कच्चे माल आपूर्तिकर्ताओं और परिवहन भागीदारों के साथ रणनीतिक आपूर्ति समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।"
स्थापित होने वाली फैक्ट्री से 2031 तक पूरी क्षमता पर 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का राजस्व पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा 1500 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के मौके भी पैदा होंगे। इस प्लांट के 2026 तक चालू होने की उम्मीद है।
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एप्सिलॉन एडवांस्ड मटेरियल्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, विक्रम हांडा ने कहा, "मैं उत्साहित हूं कि हम भारत में पेटेंट की गई एनोड मैन्युफेक्चरिंग टेक्नोलॉजी को अमेरिका में ला रहे हैं और ईवी बैटरी इकोसिस्टम के लिए अमेरिका के विजन में योगदान करने के लिए इसका लाभ उठा रहे हैं।"
कंपनी की रिलीज के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने 2030 तक 50 प्रतिशत वाहन बिक्री को इलेक्ट्रिक में बदलने और 1000 गीगावॉट बैटरी क्षमता पैदा करने की दृष्टि से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
एप्सिलॉन एडवांस्ड मटेरियल्स की स्थापना 2018 में हुई थी इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह कंपनी पूरे यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया में मौजूद है।