फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

FADA EV Sales: जुलाई 2026 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री, हर आठ में से एक वाहन रहा ईवी

Fri, 07 Aug 2026 03:23 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में जुलाई 2026 इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए अब तक का सबसे बड़ा महीना साबित हुआ। जुलाई में बिके हर आठ वाहनों में से लगभग एक वाहन इलेक्ट्रिक रहा। इससे साफ संकेत मिलता है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
1 of 4
FADA EV Sales July 2026 - फोटो : Amar Ujala
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग एक नए ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जुलाई 2026 के दौरान अब तक की सबसे अधिक मासिक ईवी रिटेल बिक्री दर्ज की है।

इस महीने कुल 3,27,901 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो पिछले साल जुलाई 2025 की तुलना में 66 प्रतिशत से अधिक की सालाना वृद्धि (YoY) दर्शाता है। FADA (फाडा) के अनुसार, जुलाई के दौरान देश भर में बिकने वाले हर आठ में से लगभग एक वाहन इलेक्ट्रिक श्रेणी का था। 
विज्ञापन

2 of 4
Electric Vehicles - फोटो : Adobe Stock

किन वैश्विक और आर्थिक कारणों से लोग तेजी से ईवी की ओर आकर्षित हो रहे हैं?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मुद्रास्फीति की आशंका ग्राहकों को ईंधन वाले वाहनों से दूर कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ मोड़ रही है:
  • पश्चिम एशिया संकट का असर: पश्चिम एशिया में नए सिरे से उपजे तनाव और व्यवधानों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
  • महंगाई की चिंता: तेल के दाम चढ़ने से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा रहता है। जिससे उपभोक्ता अपने मासिक खर्चों को नियंत्रित रखने के लिए ईंधन आधारित वाहनों के बजाय ईवी को प्राथमिकता दे रहे हैं। 
विज्ञापन

3 of 4
Bajaj Chetak 3001 Electric Scooter - फोटो : Chetak

अलग-अलग व्हीकल कैटेगरीज में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी और मार्केट शेयर कैसा रहा?

जुलाई 2026 के दौरान वाहन श्रेणी के हिसाब से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने सभी प्रमुख वर्टिकल्स में शानदार प्रदर्शन किया है:
  • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (E2W): पहली बार 2 लाख का आंकड़ा पार
    • बिक्री प्रदर्शन: टू-व्हीलर सेगमेंट ने इतिहास रचते हुए पहली बार एक महीने में 2 लाख यूनिट्स बिक्री का मील का पत्थर पार किया।
    • मार्केट शेयर: जुलाई 2026 में दोपहिया ईवी का मार्केट शेयर बढ़कर 11.2% हो गया, जो जून 2026 में 10.6% और जुलाई 2025 में 7.7% था।
  • इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (E3W): अब डिफॉल्ट विकल्प
    • मार्केट शेयर: थ्री-व्हीलर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी 65.1% तक पहुंच गई है। यह जून 2026 में 62.7% और जुलाई 2025 में 60.3% थी।
    • महत्व: इस आंकड़े से स्पष्ट है कि थ्री-व्हीलर बाजार में इलेक्ट्रिक अब कोई वैकल्पिक विचार नहीं बल्कि पहली और मुख्य पसंद बन चुका है।
  • इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (ECV): लगभग तीन गुना उछाल
    • मार्केट शेयर: कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में ईवी शेयर बढ़कर 3.57% हो गया। जो जून 2026 में 3.54% और जुलाई 2025 में 1.65% था।
    • महत्व: कमर्शियल क्षेत्र में बेड़े का विद्युतीकरण अब केवल पायलट प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं रहा। बल्कि इसकी खरीदारी अब बड़ी संख्या में हो रही है।
  • इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स (EPV): 83% की सालाना ग्रोथ
    • बिक्री वृद्धि: पैसेंजर कारों के सेगमेंट में पिछले साल की तुलना में 83% की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई।
    • मार्केट शेयर: जुलाई 2026 में पैसेंजर ईवी का मार्केट शेयर 7.9% रहा, जो जून 2026 के बराबर है। लेकिन जुलाई 2025 (5.1%) के मुकाबले काफी बेहतर है।
विज्ञापन

4 of 4
EV Charging Station - फोटो : Tata Power

उद्योग जगत के विशेषज्ञों और FADA नेतृत्व की इस ऐतिहासिक बिक्री पर क्या प्रतिक्रिया है?

बिक्री के आंकड़ों और बाजार के रुझान पर टिप्पणी करते हुए फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने महत्वपूर्ण बातें कही हैं:
  • ऐतिहासिक बिक्री का श्रेय: साई गिरिधर के अनुसार, "भारत ने एक महीने में कभी इतने इलेक्ट्रिक वाहन नहीं खरीदे जितने जुलाई 2026 में खरीदे- 3,27,901 यूनिट्स (66% YoY वृद्धि)। अब सड़क पर उतरने वाला हर आठवां वाहन इलेक्ट्रिक है।"
  • ओईएम (OEMs) को सलाह: पैसेंजर ईवी सेगमेंट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पैसेंजर ईवी की ग्रोथ केवल अधिक मांग वाले मॉडल्स की सीमित सप्लाई के कारण थमी हुई है। उन्होंने वाहन निर्माताओं (OEMs) से अपील की कि वे आगामी त्योहारी सीजन की भारी मांग से पहले सप्लाई चेन संबंधी समस्याओं को दूर करें।
  • जमीनी हकीकत का बदलाव: ईवी अपनाने के इस व्यापक रुझान पर उन्होंने जोर देकर कहा, "इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव अब कोई भविष्य का अनुमान मात्र नहीं रह गया है। यह अब शोरूम की जमीनी हकीकत बन चुका है, और भारत खुद इसे चला रहा है।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें