Hyundai Creta Flex Fuel
- फोटो : Amar Sharma
भारत में एथनॉल मिश्रण की कहानी
भारत में पेट्रोल के साथ एथनॉल मिलाने की शुरुआत 2001 में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुई थी। जून 2022 तक सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने 10 प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके बाद मार्च 2025 तक यह बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया।
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ज्यादातर वाहन निर्माता कंपनियों (ओईएम) ने अब अपने इंजन E20 फ्यूल के अनुकूल बना लिए हैं। E20 फ्यूल का मतलब है, पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाया गया ईंधन। सरकार ने "एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) प्रोग्राम" के तहत अप्रैल 2025 से ऐसे वाहनों को बाजार में उतारने का लक्ष्य तय किया है, जो E20 फ्यूल पर आसानी से चल सकें। हालांकि, E20 फ्यूल पर गाड़ियों का माइलेज थोड़ा कम हो सकता है।
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