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खरीदने की सोच रहे हैं इलेक्ट्रिक कार या SUV, तो जान लें ईवी के माइलेज से जुड़ी ये पांच खास बातें

Wed, 03 Mar 2021 01:04 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Electric car charging - फोटो : Agency (File Photo)
हाल ही में दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक टाटा नेक्सन ईवी को अपनी सब्सिडी लिस्ट से बाहर कर दिया है। जिसके चलते ग्राहकों को तीन लाख रुपये की छूट नहीं मिल पाएगी, जो पहले दिल्ली सरकार इस गाड़ी पर दे रही थी। सरकार का तर्क है कि टाटा नेक्सन ईवी को लेकर उनके पास ग्राहकों की लगातार शिकायतें आ रही हैं कि जितनी ड्राइविंग रेंज पैरामीटर का दावा किया गया था, वह नहीं मिल रहा है। कंपनी नेक्सन ईवी की 312 किमी की रेंज का दावा करती है, लेकिन ग्राहक शिकायत कर रहे थे कि उन्हें एक्चुअल ड्राइविंग रेंज 200 किमी तक ही मिल पा रही है। लेकिन पेट्रोल वाहनों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों की कुछ लिमिटेशंस होती हैं। अगर आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा...
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Baojun E100 Electric car Charging - फोटो : Social Media

क्यों जरूरी है माइलेज

अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो माइलेज को बारे में अच्छे से जांच पड़ताल कर लें। पेट्रोल-डीजल वाहनों के साथ ये बड़ी समस्या नहीं है क्योंकि देश के हर कौने में फ्यूल पंप मौजूद होते हैं, तो आप आसानी से अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच सकते हैं। वहीं इलेक्ट्रिक वाहन के साथ बैटरी बड़ी समस्या है। अगर बैटरी खत्म तो आप बीच में ही फंस जाएंगे। नेक्सन में 30.2 kWh की बैटरी आती है, आइडियल ड्राइविंग कंडीशंस में ARAI 312 किमी का माइलेज दावा करता है, लेकिन रोजमर्रा की ड्राइविंग में प्रैक्टिकल रेंज 70 फीसदी तक ही होती है।

 
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Electric Car - फोटो : Unsplash

लगातार चार्ज करें

लैपटॉप और मोबाइल की तरह इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैटरी में सीमित संख्या में चार्ज साइकिल होती हैं, जिसके बाद उनकी इफिशिअंसी गिर जाती है। इसके लिए बेहतर है कि जब भी संभव हो इलेक्ट्रिक व्हीकल का चार्ज करते रहें, लेकिन बार-बार की चार्जिंग से बचना चाहिए। घर पर अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल खड़ी करते हैं, तो उसे चार्जिंग पर लगा सकते हैं, जिससे उसकी स्टैंडबाय पावर को बच सकती है।

 

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Electric Car Charging - फोटो : Freepik

गर्मी से बचें

इलेक्ट्रिक कारों का सबसे बड़ी दुश्मन है गर्मी। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए। इलेक्ट्रिक व्हीकल को अगर आप गर्म स्थान या सीधे धूप में खड़ा करते हैं, तो बैटरी को सेंसर्स को पावर सप्लाई करने में दिक्कत आती है, क्योंकि कार स्टार्ट करने के बाद आप एसी भी चलाते हैं। इंटरनल कंब्शन इंजन वाली कारों में एसी चलाने से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैटरियों को चार्जिंग में समस्या पैदा होती है। अगर आप अपनी ईवी को ठंडी जगह पर खड़ा करेंगे तो आप एसी को लो स्पीड में चला सकते हैं। इससे उसकी रेंज बढ़ सकती है।
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Mercedes-Benz EQC electric car - फोटो : Mercedes

सड़क पर करता है निर्भर

अगर आप कार से किसी पहाड़ी जगह पर जा रहे हैं और बार-बार चढ़ाई करनी पड़ रही है, तो इससे ईवी की परफॉरमेंस और ड्राइविंग रेंज पर असर पड़ता है। वहीं ढलान पर उतराई के दौरान बार-बार ब्रेक लगाने से रि-जनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम काम करना शुरू कर देता है, जिससे बैटरी चार्ज होना शुरू हो जाती है। अतः ध्यान रखें कि लंबे सफर में अगर सड़क की स्थिति ठीक है, तो आपको ज्यादा माइलेज मिलेगा, बजाय शहरी सड़कों के।

 
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Lucid Air Electric car - फोटो : Lucid Motors

ड्राइविंग स्टाइल

इलेक्ट्रिक व्हीकल की परफॉरमेंस आपके ड्राइविंग स्टाइल पर भी बहुत ज्यादा निर्भर करती है। परंपरागत पेट्रोल या डीजल कारों के मुकाबले ईवी की रेंज आपकी ड्राइविंग हैबिट्स के मुताबिक घट या बढ़ सकती है। अगर आप अचानक से रेस देते हैं या अचानक से ब्रेक दबाते हैं, तो बैटरी जल्द डिस्चार्ज होगी, जिससे रेंज कम होगी। कार निर्माता अपनी गाड़ियों में ईको मोड भी देते हैं। जिसमें ज्यादा माइलेज मिलता है।

 
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Electric Vehicle Charging Station - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

सॉफ्टवेयर और सर्विसिंग

अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल की समय समय पर सर्विस कराते रहें। इलेक्ट्रिक व्हीकल में कंपनियां सॉफ्टवेयर देती हैं। जैसे टाटा नेक्सन ईवी में V 2.07 सॉफ्टवेयर अपडेट दिया गया है, जिससे ब्रेक पैडल रिलीजिंग टाइम कम हुआ है और माइलेज बढ़ा है। ओटीए अपडेट भी मिलते हैं, जिससे परफॉरमेंस बढ़ती है। कनेक्टिंग टेक्नोलॉजी होने से स्मार्टफोन पर ही सभी अपडेट मिल जाते हैं, जिसमें ऑनर एसी टेंपरेचर, हॉर्न साउंड आदि कंट्रोल कर सकते हैं। वहीं बड़ी अपडेट सर्विस सेंटर पर करवा सकते हैं, क्योंकि इसमें चार-पांच घंटों का वक्त लगता है। इसके अलावा कई अपडेट्स बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े होते हैं। साथ ही टायरों की कंडीशन पर भी नजर रखें। पुराने घिसे हुए टायर कार की परफॉरमेंस पर असर डालते हैं, जिससे बैटरी जल्द खर्च होती है।     
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