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CAFE:ह्यूंदै ने ₹7,300 करोड़ के उत्सर्जन जुर्माना की रिपोर्ट को किया खारिज, सात अन्य कार निर्माता भी हैं शामिल

Sat, 30 Nov 2024 03:55 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ह्यूंदै, महिंद्रा, किआ भारत की उन आठ कार निर्माता कंपनियों में शामिल हैं, जिन पर CAFE मानदंडों का पालन नहीं करने के कारण 7,300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, ह्यूंदै ने मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है।
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Hyundai Car Showroom - फोटो : Hyundai
ह्यूंदै मोटर ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि कोरियाई ऑटो दिग्गज की भारतीय इकाई, सात अन्य कार निर्माताओं के साथ, पिछले वित्तीय वर्ष में CAFE मानदंडों का पालन नहीं करने के लिए लगभग 7,300 करोड़ रुपये के भारी उत्सर्जन दंड का सामना कर सकती है। कई मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि जुर्माने का सामना करने वाली आठ कार निर्माता कंपनियों में ह्यूंदै सबसे आगे है, जिसके बाद महिंद्रा, किआ, होंडा कार्स जैसी अन्य बड़ी कार निर्माता कंपनियां हैं। ह्यूंदै ने एक आधिकारिक बयान जारी कर रिपोर्ट को 'काल्पनिक' करार दिया।
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Car Pollution - फोटो : Freepik
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कार निर्माताओं को 2022 में सख्त किए गए फ्लीट एमिशन पर कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता (CAFE) मानदंडों को हासिल करने में असफल रहने के लिए दंड का सामना करना पड़ेगा। रिपोर्ट ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो गई है जब भारत का उत्तरी भाग, विशेष रूप से दिल्ली और उसके आस-पास के इलाके गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इन आठ कार निर्माताओं पर उत्सर्जन दंड लागू करने का अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। क्योंकि सभी हितधारकों के बीच चर्चा चल रही है।
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Hyundai Car - फोटो : Hyundai
उत्सर्जन जुर्माना: ह्यूंदै का जवाब
अपने आधिकारिक बयान में, ह्यूंदै ने कहा कि रिपोर्ट अनुमान पर आधारित है और तथ्यों पर आधारित नहीं है। बयान में कहा गया है, "यह रिपोर्ट अनुमानों पर आधारित है, जो इस गलत धारणा पर आधारित है कि ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 में 2022 के संशोधन, जो पूर्ववर्ती कानून की तुलना में कठोर दंड मानदंड निर्धारित करते हैं, 1 जनवरी, 2023 से पहले प्रभावी थे। इसलिए, जुर्माने की मात्रा की कहानी तथ्यों या तथ्यों पर लागू कानूनों पर आधारित होने की तुलना में अधिक काल्पनिक है।"

रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूंदै को लगभग 2,837 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने के लिए कहा जा सकता है। जो कि वित्त वर्ष 2023 में कार निर्माता द्वारा अर्जित वार्षिक लाभ का लगभग 60 प्रतिशत है।

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Mahindra Car - फोटो : Mahindra
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत में कार निर्माताओं ने पिछले साल की अंतिम तिमाही में निर्मित वाहनों के लिए पूरे बेड़े पर उत्सर्जन जुर्माना लगाने पर सवाल उठाकर अपनी बात रखी थी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा निर्धारित नए CAFE मानदंड पिछले साल जनवरी से लागू किए गए थे। केंद्र ने अभी तक वित्त वर्ष 2022-23 के लिए CAFE मानदंड रिपोर्ट जारी नहीं की है। और कार निर्माताओं द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बीच अधिक स्पष्टता हासिल करने के लिए हितधारकों के बीच चर्चा चल रही है।
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Skoda Car - फोटो : Skoda
CAFE मानदंड क्या है? 
रिपोर्ट में कहा गया है कि आठ कार निर्माता, जिनमें स्कोडा, रेनो, निसान मोटर और फोर्स मोटर्स जैसी कंपनियां भी शामिल हैं, पिछले वित्तीय वर्ष में CAFE मानदंडों का पालन करने में असफल रही हैं। CAFE मानदंड, जिन्हें पहली बार भारत में 2017 में पेश किया गया था, नियमों का एक समूह है जो एक वित्तीय वर्ष में कार निर्माता के बेड़े द्वारा उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को सीमित करता है। नियमों को 2022 में संशोधित किया गया और सख्त मानदंड लागू किए गए। इसमें कहा गया है कि सभी बेड़े में प्रति 100 किलोमीटर पर 4.78 लीटर से अधिक ईंधन की खपत नहीं होनी चाहिए और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन 113 ग्राम प्रति किलोमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए।
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