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Electric Vehicle: टेस्ला के बाहर निकलने के बाद भारत ईवी विनिर्माण प्रोत्साहन का करेगा विस्तार, सूत्रों का दावा

Fri, 29 Nov 2024 07:05 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह सुनिश्चित करने के लिए कि वाहन निर्माताओं के साथ उचित व्यवहार किया जाए, सरकार किसी संयंत्र या उत्पादन लाइन के लिए न्यूनतम ईवी राजस्व लक्ष्य निर्धारित करेगी, जिसे योजना के लिए अर्हता हासिल करने के लिए पूरा किया जाना चाहिए।
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Electric Car - फोटो : Freepik
भारत की योजना इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहनों को देश में मौजूदा कारखानों में मॉडल बनाने वाले वाहन निर्माताओं तक विस्तारित करने की है। न कि नए प्लांट बनाने के इच्छुक वाहन निर्माताओं तक लाभ सीमित करने की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामले की सीधे तौर पर जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने यह जानकारी दी है। 

भारत की ईवी नीति, जिसे अभी भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, मूल रूप से टेस्ला को बाजार में प्रवेश करने और स्थानीय स्तर पर मैन्युफेक्चरिंग (विनिर्माण) करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई थी। लेकिन अमेरिकी वाहन निर्माता इस साल की शुरुआत में उन योजनाओं से पीछे हट गया।
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Tesla Model Y Electric Car - फोटो : Tesla
रिपोर्ट में भारत के भारी उद्योग मंत्रालय के साथ बैठक के विवरण के हवाले से बताया गया है कि, अन्य विदेशी वाहन निर्माताओं ने भारत में मौजूदा और नए कारखानों में ईवी बनाने में रुचि दिखाई है। सूत्र ने कहा कि उम्मीद है कि नीति में बदलाव से टोयोटा और ह्यूंदै जैसी कंपनियों से ईवी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

मार्च में घोषित नीति के तहत, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए कम से कम 500 मिलियन डॉलर का निवेश करने वाली वाहन निर्माता कंपनी, जिसके 50 प्रतिशत कंपोनेंट्स स्थानीय स्तर पर खरीदे जाएंगे, को आयात करों में भारी कटौती का हकदार माना जाएगा आयात करों में प्रति वर्ष 8,000 इलेक्ट्रिक कारों के लिए यह कटौती 100 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगी।
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MG Windsor Electric Car - फोटो : JSW MG Motor India
मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत न होने और पहचान उजागर न करने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि सरकार अब उन मौजूदा कारखानों में भी इलेक्ट्रिक वाहन निवेश पर विचार करेगी। जो वर्तमान में गैसोलीन इंजन और हाइब्रिड कारें बनाते हैं।

हालांकि, इलेक्ट्रिक मॉडल को एक अलग उत्पादन लाइन पर बनाया जाना चाहिए। और स्थानीय सोर्सिंग मानदंडों को पूरा करना चाहिए, सूत्र ने कहा।

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Tata Nexon EV - फोटो : Tata Motors
उन्होंने कहा कि एक नए कारखाने के मामले में, ईवी बनाने के लिए मशीनरी और उपकरणों में निवेश को 500 मिलियन डॉलर की आवश्यकता के लिए पूरी तरह से गिना जाएगा। भले ही उपकरण का उपयोग अन्य प्रकार की कारों के निर्माण के लिए भी किया जाता हो।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि वाहन निर्माताओं के साथ उचित व्यवहार किया जाए। सरकार किसी संयंत्र या उत्पादन लाइन के लिए न्यूनतम ईवी राजस्व लक्ष्य निर्धारित करेगी, जिसे योजना के लिए अर्हता हासिल करने के लिए पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति को मार्च तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
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Representative Image - फोटो : Toyota
बैठक के विवरण के अनुसार, टोयोटा अधिकारियों ने पूछा कि क्या ईवी नीति एक प्लांट के भीतर एक अलग असेंबली लाइन में निवेश करने की अनुमति देगी जो कई पावरट्रेन का उत्पादन करती है। यह भी समझने की कोशिश की गई कि क्या चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण और स्थापना को 500 मिलियन डॉलर निवेश करने की आवश्यकता के हिस्से के रूप में गिना जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, टोयोटा और भारी उद्योग मंत्रालय ने टिप्पणी के लिए अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।
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Representative Image - फोटो : Hyundai
ह्यूंदै ने पूछा कि क्या अनुसंधान और विकास पर खर्च किए गए पैसे को 500 मिलियन डॉलर निवेश की आवश्यकता के हिस्से के रूप में गिना जा सकता है, विवरण से पता चला। सूत्र ने कहा कि इसे नहीं गिना जाएगा।

ह्यूंदै मोटर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि वह अंतिम नीति और दिशा-निर्देशों के आने का इंतजार कर रही है। 
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Representative Image - फोटो : Volkswagen
फॉक्सवैगन की भारत इकाई निवेश समय-सीमा के साथ अधिक छूट चाहती है। इसने पूछा कि क्या 500 मिलियन डॉलर का 75 प्रतिशत पांच साल की योजना के पहले तीन वर्षों में निवेश किया जा सकता है, जबकि वर्तमान में 100 प्रतिशत निवेश की आवश्यकता है। इसने यह भी समझने की कोशिश की कि क्या आपूर्तिकर्ताओं द्वारा किया गया निवेश योग्य होगा। बैठक की विवरण से पता चला।

फॉक्सवैगन ने कहा कि वह लेटेस्ट ईवी नीति का "बारीकी से" अध्ययन कर रहा है और उसके अनुसार आगे का रास्ता निर्धारित करेगा।
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