क्या आपको पता है कि आपकी कार में जो सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं वो किस तरह से काम करते हैं। अगर नहीं तो हम इस खबर में आपको कार में आने वाले सेफ्टी फीचर्स से जुड़ी काम की जानकारी बता रहे हैं।
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कार में मिलने वाले सेफ्टी फीचर्स
- फोटो : सोशल मीडिया
जब आप कार खरीदने जाते हैं तो शोरूम पर आपको कार के कई फीचर्स के बारे में बताया जाता है। इन्हीं में होते है सेफ्टी फीचर जिनके नाम तो आपको बताए जाते हैं लेकिन वो कैसे काम करते हैं इनकी जानकारी नहीं मिलती। ऐसे ही सेफ्टी फीचर्स की जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं।
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एयरबैग
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कार में एयरबैग
- फोटो : सोशल मीडिया
आजकल सभी कारों में कम से कम दो एयरबैग तो आते ही हैं। इनसे होने वाली सुरक्षा को देखते हुए सरकार कोशिश कर रही है कि भविष्य में आने वाली कारों में कम से कम छह एयरबैग हो जाएं। इनका काम दुर्घटना के समय कार सवार यात्रियों को बचाना होता है। ये हादसे के समय डैशबोर्ड, स्टेयरिंग और सामने के शीशे के साथ होने वाली टक्कर से बचाते हैं। हादसा होते ही एयरबैग बेहद कम समय में खुल जाते हैं और गद्देदार दीवार बना देते हैं।
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सीट बेल्ट
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सीट बेल्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
किसी भी कार में मिलने वाला सबसे आम सेफ्टी फीचर होती है सीट बेल्ट। इसका काम होता है कि अगर हादसा हो जाए तो आप अपनी सीट पर सुरक्षित रहें। थ्री पाइंट वाली सीट बेल्ट सभी कारों में मिलती हैं जिनसे सुरक्षा भी ज्यादा होती है। कार क्रैश हो या फिर पलट जाए तो ऐसी स्थिति में सीट बेल्ट यात्री को अपनी जगह पर रहने में मदद करती है जिससे चोट लगने की आशंका कम हो जाती है।
एबीएस और ईबीडी
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एबीएस और ईबीडी
- फोटो : सोशल मीडिया
एबीएस का मतलब होता है एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम। वहीं ईबीडी का मतलब होता है इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फ़ोर्स डिस्ट्रीब्यूशन। एबीएस जिस कार में नहीं होता उनका व्हील घूमना बंद कर सकता है या फिर तेज ब्रेकिंग के समय लॉक अप भी हो सकता है जिससे कार के स्किड होने का खतरा बढ़ जाता है। ये सिस्टम कार के सभी पहियों पर लगा होता है जिसका काम इसकी जानकारी लेना होता है कि तेज ब्रेक लगाने के दौरान व्हील को कब लॉक किया जाए। एबीएस ब्रेक प्रैशर को रिलीज़ करता है और उसे फिर से लगाता है। यह प्रक्रिया बेहद कम समय में कई बार हो सकती है। इसके ही कारण कार पर ड्राइवर कंट्रोल बनाए रखता है। इसके अलावा कार मोड़ते समय और गीली सड़कों पर भी ब्रेक लगाते समय ये काम आता है।
एबीएस के साथ होता है ईबीडी। ये एबीएस के सहायक के तौर पर काम करता है। इससे अलग-अलग व्हील पर ब्रेकिंग फोर्स लगाया जा सकता है। अगर आप किसी कॉर्नर पर ब्रेक लगाते हैं तो बाहर के पहियों को अंदर के पहियों के मुकाबले ज्यादा बेहतर ग्रिप मिलेगी क्योंकि ईबीडी इन टायरों पर ज्यादा बेहतर तरीके से ब्रेकिंग फोर्स देगा।
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ईएसपी
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कार में ईएसपी फीचर
- फोटो : सोशल मीडिया
इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम काफी जरूरी सेफ्टी फीचर होता है। इसे ईएससी, ईएसपी, वीएसएम, वीएसए जैसे कई नामों से जाना जाता है। ये ऐसा सिस्टम होता है जो ये पहचान करता है कि आपकी कार सही रास्ते पर है या नहीं। ये पहचान करने के बाद सिस्टम खुद ही व्हील्स को मिल रही पावर कट कर देता है जिसे ट्रैक्शन कंट्रोल भी कहते हैं। अगर ट्रैक्शन कंट्रोल ना किया जाए तो कार बिना वजह घूम सकते हैं जिससे कार दूसरी ओर भी जा सकती है। ईएसपी में कई सेंसर होते हैं।
ये फीचर कार में तभी काम करता है जब कार पूरी तरह से रूक जाए या फिर इंक्लाइंड सरफेस पर हो और चलने वाली हो। जब आपकी कार ऊंचाई पर होती है और पूरी तरह से रूकी हुई होती है तब आप ब्रेक पर से पैर हटाते हैं तो कार हल्की सी पीछे जाती है ऐसे में ये फीचर अपना काम करता है और कार को पीछे जाने से रोकने में मदद करता है। नए ड्राइवर के लिए ऐसी स्थिति परेशानी वाली होती है लेकिन अगर कार में ये सेफ्टी फीचर है तो नए ड्राइवर को भी इससे मदद मिलती है।