टोल प्लाजा पर लगी वाहनों की कतार
- फोटो : Amar Ujala
क्यों जरूरी है यह कदम
सरकार ने हाल ही में एनुअल पास सिस्टम और मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग जैसी नई पहल की घोषणा की है। इन सबकी सफलता इसी बात पर निर्भर करती है कि फास्टैग का इस्तेमाल सही तरीके से हो। जब वाहन मालिक जानबूझकर फास्टैग को गाड़ी पर नहीं लगाते, तब इससे टोल प्लाजा पर लंबी लाइनें लग जाती हैं, गलत भुगतान रिकॉर्ड होते हैं, और बंद सिस्टम में टैग का दुरुपयोग होता है। इसका असर बाकी यात्रियों पर भी पड़ता है, जिससे उन्हें बेवजह देरी और असुविधा झेलनी पड़ती है।
यह भी पढ़ें - NHAI: सड़क संपत्तियों से कमाई की तैयारी में एनएचएआई, नौ सड़क परियोजनाओं की पहचान, जानें डिटेल्स