फॉस्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME II) योजना के मानदंडों का पालन नहीं करने पर सरकार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों के खिलाफ कानूनी विकल्पों का पता लगा रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
केंद्र ने सात इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं से 469 करोड़ रुपये की मांग की है, जिन्होंने FAME II योजना के मानदंडों का पालन नहीं करते हुए इंसेंटिव का दावा किया है।
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Okinawa Okhi 90
- फोटो : Okinawa Autotech
सरकार Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक), Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक), Ampere EV (एम्पीयर ईवी), Revolt Motors (रिवोल्ट मोटर्स), Benling India (बेनलिंग इंडिया), Amo Mobility (एमो मोबिलिटी) और Lohia Auto (लोहिया ऑटो) से इंसेंटिव की रकम वापस मांग रही है।
अधिकारी के अनुसार, कंपनियों को नोटिस भेजा गया है और अब तक सिर्फ Revolt Motors (रिवोल्ट मोटर्स) ने ही रकम वापस करने की पेशकश की है।
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Ampere Electric Vehicles
- फोटो : Ampere
अधिकारी ने कहा, "हमने उन्हें नोटिस भेजा है। अब तक, सिर्फ रिवोल्ट ने भुगतान करने की पेशकश की है... अन्य ने जवाब नहीं दिया है।"
उन्होंने कहा कि समय सीमा लगभग खत्म हो चुकी है और अगले हफ्ते सरकार कुछ फैसला लेगी।
सरकार द्वारा कार्रवाई पर विचार किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''हम कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।''
भारी उद्योग मंत्रालय की जांच से पता चला है कि इन कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन कर योजना के तहत राजकोषीय प्रोत्साहन का लाभ उठाया है।
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Benling Aura
- फोटो : Benling
योजना के नियमों के अनुसार, इंसेंटिव भारत में निर्मित कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रिक वाहन का उत्पादन करने के लिए दी गई थी। लेकिन जांच में पाया गया कि इन सात फर्मों ने कथित तौर पर आयातित कंपोनेंट्स का उपयोग किया था।
मंत्रालय ने गुमनाम ईमेल मिलने के बाद जांच की, जिसमें आरोप लगाया गया कि कई ईवी निर्माता इन इलेक्ट्रिक वाहनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध विनिर्माण योजना (पीएमपी) नियमों का पालन किए बिना सब्सिडी का दावा कर रहे थे।
इसके बाद मंत्रालय ने पिछले वित्त वर्ष में सब्सिडी वितरण में देरी की।
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AMO Jaunty Plus Electric Scooter
- फोटो : AMO Electric Bikes
सात इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं ने सरकार से इस संभावना पर विचार करने का आग्रह किया है कि वे उन ग्राहकों से अतिरिक्त छूट वापस करने के लिए कहें, जिन्होंने वाहनों की खरीद पर इसका लाभ उठाया है।
सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) (SMEV) ने कहा है कि पिछले साल सब्सिडी बंद होने के बाद बकाया भुगतान और बाजार के नुकसान के कारण कंपनियों को 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का संचयी नुकसान हुआ है।
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 2019 में FAME-II योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम की घोषणा की गई थी।
यह FAME योजना का विस्तारित संस्करण है, जिसे 1 अप्रैल 2015 को 895 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ लॉन्च किया गया था।
तीन-पहिया और चार-पहिया सेमगेंट में, इंसेंटिव मुख्य रूप से सार्वजनिक परिवहन या पंजीकृत वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों पर लागू होते हैं। टू-व्हीलर सेगमेंट में फोकस निजी वाहनों पर है।