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महंगे पेट्रोल-डीजल का असर: मई 2026 में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भारी उछाल

Tue, 09 Jun 2026 08:22 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईंधन की बढ़ती कीमतें लोगों को कम ईंधन खपत वाले और वैकल्पिक ईंधन वाले विकल्पों की ओर ले जा रही हैं। आइए, मई 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों और सीएनजी वाहनों की बिक्री पर करीब से नजर डालते हैं।
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Electric Two Wheeler - फोटो : Adobe Stock

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें लोगों को अधिक माइलेज देने वाले और वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों को चुनने के लिए मजबूर कर रही हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) (फाडा) के बिक्री आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी के कारण लोगों का रुझान सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तरफ काफी तेजी से बढ़ा है। अपनी रोजमर्रा की यात्रा के खर्च को कम करने और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बोझ से बचने के लिए बजट का ध्यान रखने वाले खरीदारों ने वाहन डीलरशिप पर ईवी और सीएनजी मॉडल्स के बारे में पूछताछ करना काफी बढ़ा दिया है। 

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Electric Car - फोटो : Adobe Stock

मई 2026 में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कैसी रही?

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पिछले महीने ऑटो उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया। मई 2026 में वैकल्पिक ईंधन वाहनों की हिस्सेदारी इस प्रकार रही:

  • सीएनजी और ईवी का योगदान: पिछले महीने यात्री वाहनों (पैसेंजर व्हीकल्स) की कुल खुदरा बिक्री में सीएनजी वाहनों का योगदान 23.34 प्रतिशत रहा। जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों ने 6.63 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा किया।

  • वैकल्पिक ईंधन की कुल हिस्सेदारी: कुल मिलाकर देखें तो महीने के दौरान होने वाली यात्री वाहनों की कुल खुदरा बिक्री में वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत से अधिक रही।

  • टू-व्हीलर सेगमेंट में ईवी की पैठ: दोपहिया वाहनों के बाजार में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की पकड़ मजबूत हुई है। मई 2025 में टू-व्हीलर सेगमेंट में ईवी की पैठ जहां 6.11 प्रतिशत थी, वहीं मई 2026 में यह बढ़कर 9.25 प्रतिशत हो गई है। 

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Electric Two Wheeler - फोटो : Adobe Stock

चुनौतियों के बावजूद ऑटो इंडस्ट्री ने कितनी ग्रोथ दर्ज की?

मई के महीने में ईंधन की बढ़ती कीमतों, भीषण गर्मी और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों जैसी कई बड़ी चुनौतियां थीं। इसके बावजूद, देश के ऑटो उद्योग ने अपनी वृद्धि जारी रखी:

  • कुल बिक्री में बढ़ोतरी: पिछले महीने कुल वाहनों की बिक्री 25.31 लाख यूनिट तक पहुंच गई। जो सालाना आधार पर 9.55 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

  • पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की सफलता: इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान पैसेंजर व्हीकल (यात्री वाहन) सेगमेंट का रहा। जिसने 23.25 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 4.03 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की।

  • दोपहिया वाहनों की बिक्री: इस दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री भी 7.54 प्रतिशत बढ़कर 18.44 लाख यूनिट्स पर पहुंच गई। 

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Electric Car - फोटो : JSW MG Motor India

भारतीय बाजार में सीएनजी और इलेक्ट्रिक के सबसे बेहतरीन विकल्प कौन से हैं?

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच जो खरीदार अपने वाहन चलने का खर्च कम करना चाहते हैं, वे सीएनजी या इलेक्ट्रिक को अपना रहे हैं। क्योंकि ये दोनों ही वैल्यू-फॉर-मनी (पैसा वसूल) विकल्प देते हैं। भारतीय बाजार में अलग-अलग सेगमेंट में लोकप्रिय विकल्प इस प्रकार हैं:

1. दोपहिया वाहन:

  • इलेक्ट्रिक स्कूटर्स: पेट्रोल से चलने वाले मॉडल्स के लोकप्रिय और बेहतरीन विकल्पों में, टीवीएस, बजाज, सिंपल एनर्जी, ओला और एथर के कई मॉडल शामिल हैं।

  • पेट्रोल बाइक्स (बेहतर माइलेज के लिए): जो लोग कम बजट में बेहतर फ्यूल एफीशिएंसी (ज्यादा माइलेज) चाहते हैं, वे हीरो और होंडा में उपलब्ध मोटरसाइकिलों को चुन सकते हैं।

2. यात्री वाहन (Passenger Vehicle Segment):

  • सीएनजी कारें: बजट का ध्यान रखने वाले ग्राहकों को आकर्षित करने वाले अच्छे विकल्पों में मारुति सुजुकी वैगनआर सीएनजी, स्विफ्ट सीएनजी, फ्रॉन्क्स सीएनजी और टाटा पंच सीएनजी शामिल हैं।

  • इलेक्ट्रिक कारें: कम रनिंग कॉस्ट (चलने का खर्च) को प्राथमिकता देने वाले खरीदार टाटा टियागो ईवी, एमजी विंडसर ईवी और टाटा पंच ईवी जैसे कई इलेक्ट्रिक विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। 

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