पिछले एक दशक में, भारत में पहली बार कार खरीदने वालों के बीच स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रेंड की कई वजहें हो सकती हैं। जिसमें खरीदने का बढ़ा हुआ सामर्थ्य और ऑटोमोबाइल निर्माताओं द्वारा पेश किया गया व्यापक ऑप्शंस शामिल हैं। जिसकी वजह से एसयूवी की बाजार हिस्सेदारी में चार गुना बढ़ोतरी हुई है।
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SUV
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इंडस्ट्री के आंकड़ों से यूजर्स की प्राथमिकताओं में आए अहम बदलाव का पता चलता है। भारत में पहली बार कार खरीदने वालों में से लगभग एक-तिहाई अब एसयूवी का ऑप्शन चुनते हैं, जो कि एक दशक पहले के 10वें हिस्से से भी काफी ज्यादा है, जब सड़कों पर हैचबैक कारों का बोलबाला था। इस बदलाव के साथ इस श्रेणी के भीतर एडिशनल और रिप्लेसमेंट कार खरीद में कमी आई है, जो 2014 में 92 प्रतिशत से घटकर इस समय 69 प्रतिशत हो गई है।
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Maruti Suzuki Brezza
- फोटो : Maruti Suzuki
मारुति सुजुकी लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन और बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, "न सिर्फ एसयूवी बॉडी टाइप के लिए प्राथमिकता बढ़ी है, बल्कि ज्यादा कॉम्पैक्ट मॉडल की शुरूआत के साथ अब एंट्री-लेवल एसयूवी के बीच प्राइस ओवरलैप है "एंट्री-लेवल एसयूवी की कुल बाजार में बिक्री में (2022-23 में) हिस्सेदारी 22 प्रतिशत थी, जो 2014 में 1 प्रतिशत थी।"
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Maruti Fronx
- फोटो : Maruti Suzuki
इसके अलावा, ह्यूंदै वेन्यू जैसी सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी पहली बार कार खरीदने वालों को अपनी बिक्री का 40 प्रतिशत आकर्षित करती है, जबकि मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और ह्यूंदै क्रेटा जैसी मिड-साइज की एसयूवी क्रमशः 21 प्रतिशत और 26 प्रतिशत के आंकड़ें दर्ज करती है। मारुति सुजुकी ब्रेजा के लिए पहली बार खरीदारों का अनुपात 23 प्रतिशत है, और नए लॉन्च किए गए फ्रोंक्स के लिए यह और भी ज्यादा, लगभग 30 प्रतिशत है।
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Hyundai Creta
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उपभोक्ता व्यवहार में इस बदलाव को एसयूवी डिजाइन में बदलाव के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो ऊबड़-खाबड़, ऑफ-रोड वाहनों से लेकर शहर में ड्राइविंग के लिए ज्यादा उपयुक्त मॉडल तक विकसित हुए हैं। जैसा कि फ्यूचरब्रांड्स के सीईओ संतोष देसाई ने बताया, कद और प्रदर्शन का संयोजन कार खरीदारों की आत्म-छवि को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा, "सड़क में ऊंची मौजूदगी मनोवैज्ञानिक रूप से वैल्यू का संकेत देती है।"
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Maruti Suzuki Grand Vitara
- फोटो : Maruti Suzuki
एसयूवी अपनी सामर्थ्य, शहर के अनुकूल सुविधाओं और व्यापक अपील के कारण उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा आकर्षक बन गई हैं। व्यापक ऑटोमोटिव उद्योग में, एसयूवी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, पिछले तीन वर्षों में मांग में तेज बढ़ोतरी हुई है। इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में, कुल यात्री वाहन बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत थी, जो 2018-19 की इसी तिमाही में 22 प्रतिशत थी। जुलाई तक यह आंकड़ा बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया और बाजार हिस्सेदारी के मामले में हैचबैक (32 प्रतिशत) और सेडान (9 प्रतिशत) को पीछे छोड़ दिया।
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Hyundai Creta Knight Edition
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कुछ निर्माताओं के लिए, एसयूवी अब उनके कारोबार का आधे से ज्यादा हिस्सा है। ह्यूंदै मोटर इंडिया के सीओओ, तरुण गर्ग ने टिप्पणी की, "एसयूवी कंपनी के लिए एक बेहद मजबूत विकास चालक बनी हुई है, जो उद्योग के 46-47 प्रतिशत के योगदान के मुकाबले हमारी कुल बिक्री में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान देती है। पहली बार एसयूवी पसंद करने वाले खरीदारों का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है, और अब हमारे वेन्यू ग्राहकों में से लगभग 40 प्रतिशत पहली बार खरीदारी करने वाले हैं। क्रेटा के लिए, पहली बार खरीदारी करने वालों की संख्या 26 प्रतिशत है।"
एसयूवी की बढ़ती लोकप्रियता ह्यूंदै की हाल ही में लॉन्च हुई एसयूवी, एक्सटर से साफ है, जिसे पहले ही ग्राहकों से 60,000 बुकिंग मिल चुकी हैं। अनुमानों से संकेत मिलता है कि भारत में एसयूवी की बिक्री इस वित्तीय वर्ष में 19 प्रतिशत बढ़कर 1.9 मिलियन (19 लाख) तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 2022-23 में 1.67 मिलियन (16 लाख 70 हजार) से ज्यादा है।