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Highway vs Expressway: क्या आपको पता है हाईवे और एक्सप्रेसवे का असली फर्क? चालान से बचने के लिए पढ़ें ये नियम

Mon, 06 Apr 2026 10:41 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत का रोड नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक है। अक्सर लोग हाईवे और एक्सप्रेसवे को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनके बीच बड़े अंतर होते हैं। सुरक्षित सफर के लिए इन दोनों के फर्क को समझना बहुत जरूरी है।
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Bengaluru-Mysuru National Highway - फोटो : X/@nitin_gadkari

भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक है। लेकिन आज भी कई लोग हाईवे और एक्सप्रेसवे के बीच का अंतर सही से नहीं समझते। यही वजह है कि कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सुरक्षित सफर के लिए इन दोनों के बीच का फर्क जानना बेहद जरूरी है।

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राष्ट्रीय राजमार्ग - फोटो : अमर उजाला

नेशनल हाईवे क्या होता है?
नेशनल हाईवे वे सड़कें हैं जो देश के बड़े शहरों, राज्यों की राजधानियों और मुख्य जगहों को आपस में जोड़ती हैं।
इनका रखरखाव 'नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (NHAI) करता है।
ये सड़कें 2, 4 या उससे ज्यादा लेन की हो सकती हैं। इन पर बीच-बीच में दूसरी सड़कें आकर मिलती हैं और कई चौराहे भी होते हैं।
आमतौर पर हाईवे पर कारों के लिए 100 किमी प्रति घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा की स्पीड लिमिट तय होती है।

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National Highways - फोटो : अमर उजाला

एक्सप्रेसवे हाईवे से अलग कैसे है?
एक्सप्रेसवे एक आधुनिक और हाई-स्पीड सड़क होती है। इसमें 6 से 8 लेन होती हैं और यह पूरी तरह से 'कंट्रोल्ड-एक्सेस' सिस्टम पर काम करता है।
इसका मतलब है कि आप एक्सप्रेसवे पर कहीं से भी गाड़ी नहीं चढ़ा सकते; इसके लिए खास एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स बनाए जाते हैं।
बीच में कोई भी चौराहा या दूसरी सड़क नहीं जुड़ती, जिससे एक्सीडेंट का खतरा कम हो जाता है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे इसका एक बड़ा उदाहरण है।

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Gorakhpur Link Expressway - फोटो : प्रशासन

हाईवे और एक्सप्रेसवे में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
सबसे बड़ा अंतर रास्तों के जुड़ने (एंट्री/एक्जिट) का है। हाईवे पर जगह-जगह से दूसरी सड़कें आकर मिलती हैं, जबकि एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के रास्ते बहुत कम और तय होते हैं।
एक्सप्रेसवे ज्यादा चौड़े और सुरक्षित होते हैं क्योंकि इन्हें तेज रफ्तार सफर के लिए ही बनाया जाता है।
इसीलिए एक्सप्रेसवे पर कारों की स्पीड 120 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है, जो हाईवे के मुकाबले ज्यादा है।

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गंगा एक्सप्रेसवे - फोटो : संवाद

ड्राइविंग के लिए किन नियमों का पालन करें?

  • दोपहिया वाहनों पर पाबंदी: कई एक्सप्रेसवे पर बाइक और स्कूटर ले जाना सख्त मना है। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लग सकता है।

  • हाईवे के नियम: हाईवे पर दोपहिया वाहन चलाए जा सकते हैं, लेकिन वहां तय स्पीड लिमिट का ध्यान रखना जरूरी है।

  • सुरक्षा गियर: सड़क कोई भी हो, सीट बेल्ट और हेलमेट पहनना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना हर यात्री की जिम्मेदारी है।


सुरक्षित यात्रा के लिए क्या समझना जरूरी है?
हाईवे और एक्सप्रेसवे के बीच का सही अंतर समझना न केवल नियमों का पालन करने में मदद करता है, बल्कि यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक भी बनाता है।

आज के समय में तेज रफ्तार के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है, इसलिए हर यात्री को सड़क पर निकलने से पहले इन नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।


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