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Electric Vehicles: भारत में ईवी उद्योग प्रोत्साहन के बिना नहीं है प्रासंगिक, बर्नस्टीन की रिपोर्ट में दावा

Thu, 26 Sep 2024 03:41 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Electric Car - फोटो : FREEPIK
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर रुख करना वाहन निर्माताओं के लिए आसान नहीं होने वाला है। क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) सेगमेंट में फायदेमंद मार्जिन बनाना और बिक्री का बड़ा पैमाना हासिल करना कठिन है। बर्नस्टीन की एक शोध रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्याप्त मार्जिन बनाना और ईवी स्पेस में बिक्री बढ़ाना मुश्किल है, भले ही फाइनेंशियल इंसेंटिव (वित्तीय प्रोत्साहन) काफी हों। इसमें कहा गया है कि कई पारंपरिक वाहन निर्माता घाटे का सामना कर रहे हैं। और सिर्फ कुछ ही लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बने रहने की उम्मीद कर रहे हैं।
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Electric Car - फोटो : FREEPIK
रिपोर्ट में कहा गया है, "ईवी में पर्याप्त मार्जिन जेनरेट करना और स्केल हासिल करना कठिन है। भारी प्रोत्साहन के बावजूद, मौजूदा ओईएम अभी भी बिना लाभ के हैं।" इसमें कहा गया है, "ईवी उद्योग इस समय प्रोत्साहन के बिना प्रासंगिक नहीं है। और आईसीई (इंटरनल कंब्शन इंजन) क्षेत्र को तोड़ने के लिए, इसे गहन ध्यान, पैमाने और निरंतर लागत में कमी की जरूरत है।" 

रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि जबकि आला स्टार्टअप जीवित रह सकते हैं, उनकी दीर्घकालिक बाजार हिस्सेदारी सीमित रहने की संभावना है। इसने कहा कि इसके बजाय, ईवी स्पेस में प्रतिस्पर्धा मुख्य रूप से स्थापित ओईएम के बीच होगी। 
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Bajaj Chetak 3201 Special Edition Electric Scooter - फोटो : Chetak
बर्नस्टीन के अनुसार, भारत के अग्रणी दोपहिया वाहन निर्माताओं में बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर्स ईवी क्षेत्र में समान पायदान पर हैं, जबकि हीरो मोटोकॉर्प पीछे है। आयशर मोटर्स, जिसके जल्द ही अपने इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने की उम्मीद है, के बाजार में कमतर और कम प्रासंगिक होने का अनुमान है। बर्नस्टीन ने बजाज ऑटो को उसके कम मूल्यांकन के कारण "आउटपरफॉर्म" रेटिंग दी है। जबकि टीवीएस, हीरो और आयशर को "मार्केट परफॉर्म" रेटिंग दी गई है। 

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Ola Electric Scooter - फोटो : PTI
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईवी टू-व्हीलर क्षेत्र में स्टार्टअप में से एक ओला इलेक्ट्रिक (ओला-ई) ने एस1 प्रो और एस1 एयर जैसे अपने प्रीमियम मॉडल से सकारात्मक परिचालन आय (ईबीआईटीडीए) (EBITDA) जेनरेट करने में कामयाबी हासिल की है। हालांकि, यह अपने मास-मार्केट मॉडल, एस1एक्स पर घाटे में चल रही है। 
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TVS iQube Celebration Edition - फोटो : TVS
दूसरी ओर, सब्सिडी के बिना लगभग 7 प्रतिशत का सकल लाभ मार्जिन अर्जित करने के बावजूद, टीवीएस को ईबीआईटीडीए (लगभग 11,000 रुपये प्रति वाहन) में लगभग 7.5 प्रतिशत की हानि होने का अनुमान है। 

बजाज ऑटो को कथित तौर पर 10.5 प्रतिशत (लगभग 15,000 रुपये प्रति वाहन) की और भी ज्यादा ईबीआईटीडीए हानि का सामना करना पड़ रहा है। और सब्सिडी के बिना सकल लाभ स्तर पर भी नुकसान हो रहा है। 
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Simple Energy Electric Scooter Plant - फोटो : Simple Energy
बर्नस्टीन की रिपोर्ट में कहा गया है, "हमारा विश्लेषण बताता है कि ओला-ई अपने प्रीमियम मॉडल जैसे कि एस1 प्रो और एस1 एयर से सकारात्मक परिचालन ईबीआईटीडीए जेनरेट कर रही है। जबकि अपने मास-मार्केट मॉडल एस1एक्स पर घाटा उठा रही है।"

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में कुल ईवी दोपहिया वाहन उद्योग सालाना लगभग 1.3 अरब अमरीकी डॉलर का राजस्व पैदा करता है। लेकिन प्रोत्साहन के बिना 300-400 मिलियन अमरीकी डॉलर का अनुमानित ईबीआईटी घाटा उठाता है। 
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Okinawa Electric Scooter Manufacturing Plant - फोटो : Okinawa Scooters
हालांकि, जीएसटी से मिलने वाले अतिरिक्त लाभों ने इलेक्ट्रिक और इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) वाहनों के बीच कीमत के अंतर को कम करने में मदद की। रिपोर्ट में इस बात पर रोशनी डाली गई है कि मौजूदा परिदृश्य में ईवी उद्योग सरकारी प्रोत्साहनों और सब्सिडी पर बहुत ज्यादा निर्भर है। प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए, ईवी उद्योग को पारंपरिक ICE बाजार को तोड़ने के लिए निरंतर ध्यान, बड़े पैमाने पर संचालन और महत्वपूर्ण लागत में कमी की आवश्यकता है। 
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Ampere Nexus Electric Scooter - फोटो : Greaves Electric
रिपोर्ट में निष्कर्ष देते हुए कहा गया है कि सिर्फ प्रमुख स्टार्टअप के ही मुख्यधारा में आने की संभावना है। जबकि पारंपरिक ओईएम ईवी क्षेत्र में बाजार हिस्सेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा जारी रखेंगे। 

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