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EV Tips: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदनें पर कहीं बढ़ न जाए अतिरिक्त खर्च, घर लाने से पहले इन 5 बातों का ध्यान रखें

Tue, 09 Jun 2026 01:19 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

EV Scooter Tips: क्या आप भी सिर्फ रेंज और कीमत देखकर इलेक्ट्रिक स्कूटर  खरीद रहे हैं। अगर ऐसा है, तो आप अनजाने में बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं, क्योंकि बैटरी वारंटी, चार्जिंग और सर्विस नेटवर्क से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं, जो खरीद के बाद कई लोगों को चौंका देती है। आइए जानते हैं ईवी स्कूटर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
Electric Scooter Buying Guide 2026: महंगे होते पेट्रोल-डीजल के बीच भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है। बाजार में आज 80 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत तक के कई विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, स्कूटर खरीदते समय कई लोग यह मान लेते हैं कि महंगा मॉडल है तो अच्छा ही होगा, या फिर सिर्फ उसकी रेंज, फीचर्स और कीमत देखकर फैसला कर लेते हैं। लेकिन खरीदारी के कुछ समय बाद उन्हें बैटरी परफॉर्मेंस, चार्जिंग व्यवस्था, सर्विस नेटवर्क और कनेक्टेड फीचर्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप भी नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले इन 5 जरूरी बातों को अच्छी तरह समझ लेना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
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ईवी खरीदते समय ध्यान रखनें वाली बातें - फोटो : एआई जनरेटेड
ब्रोशर (Brochure) में लिखी रेंज और असली रेंज में अंतर समझें
  • किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की आधिकारिक रेंज ARAI के IDC टेस्ट पर आधारित होती है। यह टेस्ट नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाता है, जहां ट्रैफिक और मौसम जैसी वास्तविक चुनौतियां मौजूद नहीं होती है।
  • इसलिए जब व्यक्ति उसे खरीदता है, तो खासकर गर्मी और शहर के ट्रैफिक में, अधिकतर इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनी दावा की गई रेंज का केवल 60 से 75 प्रतिशत ही दे पाते हैं।
  • यानी 120 किलोमीटर रेंज का दावा करने वाला स्कूटर रोजमर्रा के उपयोग में लगभग 75 से 90 किलोमीटर तक ही चल सकता है।
  • क्या करें? ऐसे में खरीदने से पहले उसी मॉडल के मौजूदा मालिकों से बात करें और वास्तविक रेंज की जानकारी लें।
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ईवी खरीदते समय ध्यान रखनें वाली बातें - फोटो : एआई जनरेटेड

बैटरी वारंटी की शर्तें ध्यान से पढ़ें

  • अधिकतर कंपनियां तीन साल या उससे ज्यादा वारंटी का दावा करती है, लेकिन हर वारंटी कभी एक जैसी नहीं होती।
  • कुछ कंपनियां तो केवल मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट को कवर करती हैं, जबकि कुछ बैटरी क्षमता एक निश्चित स्तर से नीचे जाने पर ही वारंटी लागू करती हैं।
  • कई बार बैटरी की क्षमता घटने के बावजूद वारंटी क्लेम स्वीकार नहीं किया जाता।
  • क्या करें? ऐसे में स्कूटर खरीदते समय पहले से ही बैटरी वरंटी का पूरा दस्तावेज मांगें और समझें कि किन परिस्थितियों में क्लेम मान्य होगा।

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ईवी खरीदते समय ध्यान रखनें वाली बातें - फोटो : एआई जनरेटेड
घर की चार्जिंग व्यवस्था भी जांचना जरूरी 
  • कई लोग यह मान लेते हैं कि इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के बाद उसे आसानी से घर पर चार्ज किया जा सकता है, लेकिन आपको बता दें कि पुराने अपार्टमेंट्स, कमजोर वायरिंग या सोसाइटी के नियम कई बार पेरशानी पैदा कर सकते हैं।
  • अधिकांश चार्जर 15-एम्पियर सॉकेट और सही अर्थिंग की मांग करते हैं। अगर वायरिंग पुरानी है या लोड क्षमता कम है तो चार्जिंग के दौरान MCB ट्रिप हो सकती है।
  • क्या करें? इसलिए खरीदते समय पहले से ही चार्जिंग प्वाइंट, वायरिंग और सोसायटी की अनुमति की मांग या जांच कर लें।
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ईवी खरीदते समय ध्यान रखनें वाली बातें - फोटो : एआई जनरेटेड
नजदीकी सर्विस सेंटर की जरूर देखें
  • पेट्रोल स्कूटर की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटर की सर्विसिंग ज्यादा निपुणता मांगती है। इसमें बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, मोटर कंट्रोलर और सॉफ्टवेयर अपडेट जैसे काम केवल अधिकृत सर्विस सेंटर और अनुभवी मैकेनिक ही कर सकता है।
  • कई ईवी ब्रांड्स में तो नेटवर्क अभी भी बड़े शहरों तक ही सीमित है। ऐसे में सस्ती कीमत आपके जेब पर भारी पड़ सकती है। यानी अगर सर्विस सेंटर आपके घर से 50 से अधिक किमी दूर हो, तो फायदा कम हो जाता है।
  • क्या करें? ऐसे में आप पहले ही ब्रांड की वेबसाइट पर जाकर अपने नजदीकी सर्विस सेंटर की दूरी जांच लें।
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ईवी खरीदते समय ध्यान रखनें वाली बातें - फोटो : एआई जनरेटेड
कंपनी की कर लें जांच-पड़ताल
  • आज लगभग सभी आधुनिक कारें हो या फिर स्कूटर, पेट्रोल-डीजल हो या इलेक्ट्रिक, अधिकतर सभी के लिए एप कनेक्टिविटी, जीपीएस ट्रैकिंग, रिमोट लॉकिंग और राइड डाटा जैसे स्मार्ट फीचर्स मिलते हैं। लेकिन यह सभी फीचर्स कंपनी के सर्वर और सॉफ्टवेयर सपोर्ट पर निर्भर करते हैं।
  • ऐसे में अगर मान लीजिए भविष्य में कोई समस्या आती है, जब एप सपोर्ट करना बंद कर देता है, तो ये सुविधाएं भी काम करना बंद कर सकती है। पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय ईवी स्टार्टटप्स के साथ ऐसा ही देखने को मिला। जब कंपनी आर्थिक मुश्किलों में आई तो एप का सपोर्ट बंद हो गया, और सुविधाएं भी बंद हो गई।
  • क्या करें? स्कूटर खरीदने से पहले यह जरूर जांचें कि ब्रांड कितने समय से बाजार में है, एप को नियमित अपडेट मिल रहे हैं या नहीं और कंपनी का लॉन्ग-टर्म सपोर्ट प्लान क्या है।
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