इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैक्स में छूट और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) पर सब्सिडी से लोग कम-कार्बन वाली जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। शुक्रवार को जारी पूर्व-बजट सर्वे 2024-25 में यह बात कही गई।
सर्वे के मुताबिक, कम-कार्बन जीवनशैली को अपनाने और पर्यावरण को बचाने के लिए कई तरीके हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की "इमिशन गैप रिपोर्ट 2020" में बताया गया है कि किस तरह से लोग अपनी आदतों में बदलाव लाकर पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं।
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Mahindra BE 6 Electric SUV
- फोटो : Mahindra
सर्वे में कहा गया, "अगर सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैक्स में छूट दे और रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल पर सब्सिडी दे, तो लोग और कंपनियां ज्यादा हरित (इको-फ्रेंडली) तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।"
सर्वे में कहा गया है कि, भारतीय सरकार पहले से ही पर्यावरण को बचाने और लोगों की आदतों में बदलाव लाने के लिए कई कदम उठा रही है।
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Auto Expo 2025
- फोटो : प्रशान्त पाण्डेय
इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) और पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना जैसी पहल सोलर एनर्जी को अपनाने के लिए बढ़ावा देती हैं।
इसके अलावा, सरकार जीवाश्म ईंधनों (फॉसिल फ्यूल) पर ज्यादा टैक्स लगाकर और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को सस्ता बनाकर लोगों को हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
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Vayve Eva Solar Car EV
- फोटो : Amar Ujala
सर्वे में यह भी बताया गया कि लोगों को यह समझाने की जरूरत है कि उनके रोजमर्रा के फैसले पर्यावरण पर कितना असर डालते हैं।
ऐसे अभियान, जो कम-कार्बन विकल्पों के फायदे बताते हैं और लोगों को आसान तरीके सुझाते हैं, उन्हें ज्यादा सस्टेनेबल (टिकाऊ) फैसले लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
सर्वे में कहा गया, "अगर हम सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी को बढ़ावा दें और समाज में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करें, तो कम-कार्बन जीवनशैली को आम बनाया जा सकता है।"
आखिर में, पुरानी आदतों को बदलकर और नई, पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाकर - जैसे साइकिल चलाने को बढ़ावा देना या स्थानीय स्तर पर उगाए गए खाने को अपनाना, समय के साथ बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।