Ethanol Blended Petrol: पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। फिलहाल E20 पेट्रोल सबसे ज्यादा चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे और अफवाहें वायरल हो रही हैं, जिससे वाहन मालिकों के मन में इसकी सुरक्षा और प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सरकार इन दावों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट कर चुकी है कि E20 पेट्रोल निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार किया गया है और E20-अनुकूल (Compatible) वाहनों के लिए इसका उपयोग सुरक्षित है। अब इनके बीच अंतर समझिए...
E20, E85 और E100 का मतलब क्या होता है?
इन ईंधनों के नाम में मौजूद E का मतलब इथेनॉल होता है, जबकि उसके बाद लिखा नंबर यह बताता है कि ईंधन में इथेनॉल की मात्रा कितनी है।
- E20 में 20% इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। भारत में फिलहाल इसी ब्लेंड को बड़े स्तर पर अपनाया जा रहा है। जिन वाहनों को E20 कंपैटिबल दर्शाया गया है, वे इसे बिना किसी बदलाव के सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।
- E85 में 85% इथेनॉल होता है। इसे केवल फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स के लिए तैयार किया गया है। इन वाहनों में विशेष फ्यूल सिस्टम, सेंसर और इंजन ट्यूनिंग होती है, जो ज्यादा इथेनॉल के अनुरूप काम करती है।
- E100 लगभग पूरी तरह इथेनॉल आधारित ईंधन है। इसका उपयोग केवल विशेष रूप से विकसित वाहनों में ही किया जा सकता है। सामान्य पेट्रोल इंजन इसके लिए उपयुक्त नहीं होते।