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Delhi EV Policy: दिल्ली की नई ईवी नीति 2.0 का मसौदा तैयार, ईवी में रूपांतरण पर 50% तक सब्सिडी का प्रस्ताव

Thu, 11 Dec 2025 03:19 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 तीन मुख्य क्षेत्रों पर फोकस करेगी। इनमें बैटरी रीसाइक्लिंग, चार्जिंग नेटवर्क और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मुद्दे शामिल हैं।
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Electric Vehicles Charging Station - फोटो : Freepik
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईवी पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक बुलाई है, जिसके बाद मसौदे को सार्वजनिक किया जाएगा। ताकि सभी हितधारकों से सुझाव लेकर नीति को अंतिम रूप दिया जा सके।

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Electric Car - फोटो : Freepik
नई नीति की 3 बड़ी प्राथमिकताएं
EV पॉलिसी 2.0 में तीन प्रमुख क्षेत्रों पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया है:

1. बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम
लिथियम-आयन बैटरियों का सुरक्षित निपटान एक बड़ी चुनौती है। नई नीति में पहली बार उनके संग्रह, रीसाइक्लिंग और सुरक्षित निस्तारण के लिए एक संगठित तंत्र का प्रस्ताव दिया गया है। ताकि बढ़ते बैटरी कचरे का पर्यावरण अनुकूल समाधान सुनिश्चित हो सके।

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बीजली से चलने वाली गाड़ी - फोटो : Adobe Stock
2. चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर विस्तार
सरकार दिल्ली में इलेक्ट्रिक चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से बढ़ाना चाहती है और वाहन मालिकों को ईवी अपनाने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है।

3. ईवी में रूपांतरण पर 50% तक सब्सिडी का प्रस्ताव
मसौदा बताता है कि ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए वाहन के बाजार मूल्य के आधार पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। यह प्रोत्साहन आंतरिक दहन इंजनों (ICE) को इलेक्ट्रिक में बदलने और नई ईवी खरीद पर शुल्क में छूट दोनों पर लागू होगा। हालांकि, इस संरचना पर अंतिम निर्णय कैबिनेट लेगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस बार सब्सिडी नीति का मुख्य स्तंभ नहीं होगा। आंकड़ों से पता चलता है कि अब अधिकांश निजी और व्यावसायिक ईवी खरीदार बिना सब्सिडी के भी ईवी चुन रहे हैं। फिर भी, सब्सिडी नीति का हिस्सा बनी रहेगी।

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Electric Car Charging - फोटो : Freepik
2030 तक 5,000 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएं। जिनमें प्रत्येक पर 4-5 चार्जिंग पॉइंट्स उपलब्ध हों।
ये स्टेशन स्थापित किए जाएंगे-
  • मार्केट कॉम्प्लेक्सों में
  • मल्टी-लेवल पार्किंग स्थलों पर
  • रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) के परिसरों में
  • सरकारी भवनों और कार्यालयों में
  • मुख्य सड़कों के किनारे
सरकार का मानना है कि तेज और सुलभ चार्जिंग नेटवर्क ईवी अपनाने का सबसे निर्णायक कारक है।

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Electric Car - फोटो : Freepik
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए नई ईवी वैन
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 में लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाने का भी प्रस्ताव है। सरकार 7 यात्रियों + चालक क्षमता वाली कम्पैक्ट ईवी वैन शुरू करने पर विचार कर रही है। जो निम्न क्षेत्रों में संचालित होंगी-
  • तंग आवासीय कॉलोनियां
  • भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र
  • मेट्रो स्टेशनों के आसपास जहां बसें नहीं चल सकतीं
इसके अलावा, ई-रिक्शा के संचालन को बेहतर बनाने के लिए एक संगठित रूट-मैपिंग व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।

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VinFast VF7 Electric SUV - फोटो : VinFast
नए साल से लागू होगी नई ईवी नीति
अधिकारियों के अनुसार, ईवी पॉलिसी 2.0 नए वर्ष की शुरुआत में लागू होने की संभावना है, क्योंकि मौजूदा नीति 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। पहली नीति अगस्त 2020 में तीन वर्षों के लिए लागू हुई थी, जिसे कई बार बढ़ाया गया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। इन कमियों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी, जिसने अब मसौदा अंतिम समीक्षा के लिए सौंप दिया है।

नई ईवी वैन और मजबूत चार्जिंग नेटवर्क से राजधानी में रोजमर्रा की यात्रा अधिक सुगम होने और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। जिससे दिल्ली के लिए एक स्वच्छ, हरित भविष्य का मार्ग तैयार होगा।

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