दिल्ली सरकार ने अपने स्विच दिल्ली पोर्टल पर ईवी चार्जिंग और बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों के लिए एक ओपन डेटाबेस सुविधा शुरू की है। इससे सभी इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेयर्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाने में मदद मिलेगी। इस डेटाबेस के जरिए, दिल्ली सरकार आज की तारीख में दिल्ली में 2,500 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट तक सभी ईवी प्लेयर्स को ओपन एक्सेस देने में सक्षम होगी। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता इसका इस्तेमाल दिल्ली में सभी ईवी यूजर्स को चार्जिंग और बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों के बारे में आसानी से जानकारी देने के लिए प्लेटफॉर्म विकसित कर सकते हैं।
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EV CHARGER DELHI-NCR
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इससे पहले 2021 में, दिल्ली सरकार बस ट्रांजिट के लिए एक खुला डेटाबेस लेकर आई थी, जो काफी सफल रही थी। इसका इस्तेमाल गूगल, उबर और कई अन्य कंपनियां कर रही हैं। ईवी चार्जिंग के लिए खुले डेटाबेस उपलब्ध करा कर दिल्ली सरकार ईवी निर्माताओं की रेंज से जुड़ी चिंता के मुद्दे को हल करने की दिशा में कदम उठा रही है।
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Electric Car
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परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने पीटीआई को बताया, इसका फायदा यह होगा कि एप की मदद से दिल्ली में ईवी यूजर्स शहर भर में 2,500 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट और बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों का आसानी से पता लगा सकेंगे, और यह संख्या 2025 तक 18,000 तक पहुंचने की उम्मीद है।
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EV Charging Stations
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दिल्ली ईवी पॉलिसी 7 अगस्त, 2020 को शुरू की गई थी और इस पॉलिसी क्लॉज 6.4.2 के मुताबिक, "एक खुला, सार्वजनिक स्वामित्व वाला डेटाबेस परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी द्वारा विकसित किया जाएगा, जो सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे पर ऐतिहासिक और वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करेगा।" इस नीति के बाद, दिल्ली परिवहन विभाग ने अब एक खुला, सार्वजनिक स्वामित्व वाला डेटाबेस तैयार किया है।
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EV Charging Stations
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डेटाबेस को पंजीकृत संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा ev.delhi.gov.in/openev पोर्टल के जरिए सार्वजनिक चार्जिंग और स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित ऐतिहासिक और रियल-टाइम की जानकारी को पेश करने और हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बार ओपन डेटाबेस पोर्टल पंजीकृत हो जाने के बाद, चार्जिंग सर्विस प्रॉवाइडर सभी ईवी चार्जर और बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों से संबंधित डेटा को हासिल कर सकेंगे।
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, Sheru (शेरू) के सीईओ अंकित मित्तल ने कहा, "दिल्ली की प्रगतिशील ईवी नीति ने इसे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में अग्रणी बना दिया है। दिल्ली सरकार का ओपन डेटाबेस इसे और आगे ले जाता है और इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को रिचार्ज करना आसान हो जाएगा।"