अभी तक हमारे देश में मैनुअल गियरबॉक्स वाली कारों का ही ज्यादा प्रचलन है लेकिन अब धीरे-धीरे ऑटोमैटिक कारें भी बाजार में अपनी जगह बना रही हैं। अगर आप भी कार खरीदने वाले हैं और आपको ये समझ नहीं आ रहा कि मैनुअल कार लें या फिर ऑटोमैटिक की तरफ जाएं तो इस खबर में हम आपको दोनों के बीच फर्क समझा रहे हैं।
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मैनुअल कार
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मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत में जब से कारों की शुरूआत हुई तब से लगभग सभी कारें मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आती रही हैं। इसलिए हम भी मैनुअल कार खरीदना पसंद करते हैं। इसके पीछे बड़ा कारण भी है और वो ये है कि हम बचपन से ही उन कारों में सफर करते आए हैं जिनमें गियर होते हैं और हमें पता भी होता है कि गियर लगाए कैसे जाते हैं।
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मैनुअल कार के फायदे
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मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार
- फोटो : सोशल मीडिया
हम बात करें मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों की तो इनके फायदे भी होते हैं। जैसे इनकी कीमत ऑटोमैटिक कार की तुलना में कम होती है। इन्हें रिपेयर करना आसान और सस्ता होता है। जरूरत के हिसाब से कार के गियर बदलकर इंजन की पावर कम या ज्यादा की जा सकती है।
मैनुअल के नुकसान
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मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार के नुकसान
- फोटो : सोशल मीडिया
मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारें भले ही काफी समय से चल रही हों लेकिन इनके नुकसान भी होते हैं। इनका सबसे बड़ा नुकसान होता है कि इन्हें चलाने पर ड्राइवर ज्यादा जल्दी थक जाता है। अगर ट्रैफिक में कार फंस जाए तो फिर बार बार गियर बदलना पड़ता है जिससे पैरों को आराम नहीं मिलता। इसके साथ ही मैनुअल कार में क्लच काफी जल्दी गर्म हो जाता है और कार के माइलेज पर भी बुरा असर होता है। इसके अलावा इन्हें चलाना नए ड्राइवर के लिए मुश्किल होता है बार बार गियर बदलने की आदत ना होने के कारण कई बार नए ड्राइवर कार को एक ही गियर पर चलाने लगते हैं जिससे इंजन पर लोड बढ़ता है।
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ऑटोमैटिक कार
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ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कार
- फोटो : सोशल मीडिया
इस बात को अनदेखा नहीं किया जा सकता कि मैनुअल के मुकाबले ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारें ज्यादा बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरियंस देती हैं।
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ऑटोमैटिक के फायदे
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ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कार के फायदे
- फोटो : सोशल मीडिया
ऑटोमैटिक कार को चलाना भी काफी आसान होता है। बार बार गियर बदलने का झंझट नहीं होता इसलिए नया ड्राइवर भी इन्हें आसानी से चला लेता है। ट्रैफिक में फंसने पर भी इनमें गियर नहीं बदलना पड़ता जिससे शहर में ड्राइविंग करना आसान हो जाता है। लंबी ड्राइव के दौरान भी ऑटोमैटिक कार चलाना आसान होता है क्योंकि आपको सिर्फ एक बार गियर डालना होता है जिसके बाद कार खुद गियर बदलती रहती है।
इतने फायदे होने के बाद भी ऑटोमैटिक कार के कुछ नुकसान होते हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान रिपेयरिंग के समय होता है। जब तक कार में तकनीकी खामी नहीं आती तब तक तो ठीक है लेकिन एक बार परेशानी आने के बाद उसे ठीक करवाने में बड़ा खर्चा हो जाता है। इनका मेंटिनेंस भी मैनुअल की तुलना में ज्यादा होता है। गियर को अपने हिसाब से नीचे या ऊपर कर इंजन से कम या ज्यादा पावर नहीं ले पाते ये सिस्टम अपने हिसाब से ही चलता है। इसके अलावा मैनुअल कार के मकैनिक तो कहीं पर भी आसानी से मिल जाते हैं लेकिन ऑटोमैटिक कार को हर जगह ठीक नहीं करवाया जा सकता।