Delhi EV Policy 2.0
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ICRA ने नीति को लेकर क्या कहा?
ICRA Ltd (इकरा लिमिटेड) के वाइस प्रेसिडेंट और सेक्टर हेड रोहन कंवर गुप्ता का मानना है कि:
- ऑटो-रिक्शा और दोपहिया वाहनों के नए ICE (इंटरनल कंब्शन इंजन) पंजीकरण पर प्रस्तावित प्रतिबंध दिल्ली में ईवी अपनाने की रफ्तार को काफी बढ़ा सकता है।
- इससे ICE वाहनों की मांग में संरचनात्मक गिरावट आने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण वाहन निर्माताओं (ओईएम) को तेजी से अपने पोर्टफोलियो को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर स्थानांतरित करना होगा।
जो कंपनियां अभी भी मुख्य रूप से ICE वाहनों पर निर्भर हैं, उन्हें बिक्री में गिरावट और उत्पादन क्षमता के कम उपयोग जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या EV इकोसिस्टम तैयार है?
रोहन कंवर गुप्ता ने कहा कि विशेष रूप से दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए ईवी निर्माण क्षमता में पर्याप्त विस्तार हो चुका है।
हालांकि, नीति का सफल क्रियान्वयन इन बातों पर भी निर्भर करेगा:
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
- फाइनेंसिंग की उपलब्धता
- सर्विस नेटवर्क की तैयारी
हाइब्रिड वाहनों को लेकर क्या कहा गया?
ICRA ने नीति में हाइब्रिड वाहनों को शामिल न किए जाने पर भी टिप्पणी की।
उनके अनुसार, इससे स्पष्ट होता है कि सरकार का पूरा जोर जीरो एमिशन मोबिलिटी पर है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि:
- इससे ईवी आधारित तकनीकों में निवेश को स्पष्ट दिशा मिलेगी।
- लेकिन उपभोक्ताओं के लिए एक संक्रमणकालीन विकल्प समाप्त हो जाएगा। जिससे अल्पकाल में ईवी अपनाने की गति प्रभावित हो सकती है।