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Delhi EV Policy: सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियां, टैक्स छूट और बड़े इंसेंटिव, क्या है नया ईवी नीति मसौदा और उद्देश्य

Sat, 11 Apr 2026 11:19 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार ने शनिवार को दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति 2026-2030 का मसौदा जारी किया। जानें इसकी अहम बातें।
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Electric Vehicles - फोटो : Adobe Stock

दिल्ली सरकार ने शनिवार को दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2026-2030 का मसौदा जारी किया। इस नीति का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है और इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को सस्ता बनाने के लिए आक्रामक प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिए गए हैं।

दिल्ली में सर्दियों के दौरान होने वाले प्रदूषण का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा वाहनों से आता है। इस नीति के तहत दिए जाने वाले लाभ इस बात पर भी निर्भर करेंगे कि आपने ईवी कितनी जल्दी खरीदी। इसके साथ ही घर और कम्युनिटी चार्जिंग स्टेशनों के लिए सिंगल-विंडो क्लियरेंस जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

जनता 1 मई 2026 तक evpolicy2026@gmail.com पर इस ड्राफ्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकती है।

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इलेक्ट्रिक स्कूटी - फोटो : Adobe Stock

EV खरीदने पर कितनी बचत होगी?
सरकार 31 मार्च 2030 तक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक ऑटो सहित कई सेगमेंट्स पर वित्तीय इंसेंटिव देने का प्रस्ताव कर रही है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर:
पहले साल 10,000 रुपये प्रति kWh (अधिकतम 30,000 रुपये) तक इंसेंटिव मिलेगा।
तीसरे साल तक यह घटकर 3,300 रुपये प्रति kWh (अधिकतम 10,000 रुपये) रह जाएगा।
इसके लिए वाहन की कीमत 2.25 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

इलेक्ट्रिक ऑटो (L5M):
पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा।

इलेक्ट्रिक चार-पहिया मालवाहक वाहन (N1):
पहले साल 1,00,000 रुपये, दूसरे साल 75,000 रुपये और तीसरे साल 50,000 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा।

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बीजली से चलने वाली गाड़ी - फोटो : Adobe Stock

रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में क्या छूट मिलेगी? 
अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
वहीं 30 लाख रुपये से कम कीमत वाली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को यह छूट नहीं मिलेगी। 

क्या पूरी तरह टैक्स माफी मिलेगी?
ड्राफ्ट ईवी पॉलिसी 2026-2030 के तहत अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहनों को मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।

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बीजली से चलने वाली गाड़ी - फोटो : Adobe Stock

पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर क्या फायदा मिलेगा?
अगर आप दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुराने वाहन को स्क्रैप कराते हैं और 6 महीने के भीतर नई ईवी खरीदते हैं, तो आपको अतिरिक्त "स्क्रैपिंग इंसेंटिव" मिलेगा।

यह लाभ तभी मिलेगा जब आप अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर से सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) मिलने के 6 महीने के भीतर ईवी खरीदें।

कार: 1,00,000 रुपये (पहले 1 लाख आवेदकों के लिए; कार की कीमत 30 लाख रुपये से कम होनी चाहिए)
टू-व्हीलर: 10,000 रुपये
थ्री-व्हीलर और N1 ट्रक: 25,000 रुपये और 50,000 रुपये

यह राशि सीधे लाभार्थी के खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए दी जाएगी।

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इलेक्ट्रिक वाहन - फोटो : Freepik

कौन-कौन सी समयसीमाएं तय की गई हैं?
शहर को पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाने के लिए सख्त समयसीमाएं तय की गई हैं।

थ्री-व्हीलर: 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक मॉडल ही रजिस्टर होंगे।
टू-व्हीलर: 1 अप्रैल 2028 से सभी नए रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिक होंगे।
एग्रीगेटर: डिलीवरी और राइड-शेयरिंग सेवाओं में नए पेट्रोल/डीजल वाहन पहले ही प्रतिबंधित किए जा चुके हैं।


EV चार्जिंग को कैसे आसान बनाया जाएगा?
नीति के अनुसार, दिल्ली में हर ईवी डीलर को कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा घर या सोसाइटी में चार्जिंग पॉइंट लगाने के लिए "सिंगल विंडो क्लियरेंस" की सुविधा दी जाएगी।

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school bus - फोटो : संवाद

कॉरपोरेट और स्कूलों के लिए क्या नियम होंगे?
ड्राफ्ट नीति के अनुसार, 2030 तक स्कूलों को अपने कुल बस बेड़े का 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक करना होगा। यह नियम उन सभी बसों पर लागू होगा, चाहे वे खरीदी गई हों, लीज पर हों या किराए पर ली गई हों।फ्लीट एग्रीगेटर और डिलीवरी कंपनियों को तुरंत पेट्रोल या डीजल टू-व्हीलर और छोटे कमर्शियल वैन शामिल करना बंद करना होगा। हालांकि, BS-6 मानक वाले टू-व्हीलर को 31 दिसंबर 2026 तक छूट दी गई है। 

 

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DTC Bus - फोटो : Adobe stock

सरकारी वाहनों के लिए क्या प्रावधान हैं?
ड्राफ्ट नीति के अनुसार, इस नीति के लागू होने के बाद दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और परिवहन विभाग द्वारा जो भी नई इंटर-स्टेट बसें शामिल की जाएंगी, वे सभी इलेक्ट्रिक होंगी।

अगर इस अवधि में हाइड्रोजन जैसे अन्य स्वच्छ ईंधन वाले बस विकल्प आते हैं, तो उन्हें भी परिवहन विभाग के निर्णय के अनुसार शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा, GNCTD के तहत आने वाले विभागों, स्वायत्त निकायों, नगर निगम, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा खरीदे या किराए पर लिए जाने वाले सभी नए N1 ट्रक केवल इलेक्ट्रिक होंगे।

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