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EV: कमर्शियल इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन वाहनों को बड़ी राहत, सरकार ने सात साल के लिए परमिट से दी छूट

Thu, 09 Jul 2026 03:22 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वच्छ ईंधन से चलने वाले कमर्शियल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इलेक्ट्रिक, E85, M100 और हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले व्यावसायिक वाहनों को सात वर्षों तक परमिट लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
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Commercial Electric Vehicles - फोटो : Amar Ujala

देश में प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने कमर्शियल वाहनों (व्यावसायिक वाहनों) के लिए परमिट से मिलने वाली छूट के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई अधिसूचना जारी की है।

अब देश में इलेक्ट्रिक के साथ-साथ इथेनॉल, मिथेनॉल और हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधनों से चलने वाले कमर्शियल वाहनों को भी बिना परमिट सड़कों पर दौड़ने की आजादी होगी। लेकिन सरकार ने इस राहत के लिए 7 साल की एक समयसीमा तय कर दी है। आइए इस नए नियम और इसके हर पहलू को आसान भाषा में समझते हैं। 

 
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Electric Three-Wheeler - फोटो : Bajaj Auto

सरकार ने परमिट छूट को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 6 जुलाई को जारी की गई ताजा अधिसूचना के मुख्य प्रावधान और उनके मायने इस तरह हैं:

  • 1. सात साल की निश्चित समयसीमा:
    नए नियमों के मुताबिक, स्वच्छ ईंधन और बिजली से चलने वाले सभी कमर्शियल वाहनों को परमिट लेने से मिलने वाली यह छूट केवल 7 वर्षों की अवधि के लिए ही लागू रहेगी।

  • 2. सवारी और माल ढुलाई दोनों वाहनों को राहत:
    मंत्रालय ने साफ किया है कि परमिट की आवश्यकता से मिलने वाली यह छूट मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 66(1) के तहत दी गई है। यह नियम उन सभी व्यावसायिक वाहनों पर समान रूप से लागू होगा जो या तो यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करते हैं या फिर माल ढुलाई के काम में लगे हैं।

  • 3. पुराने नियम में बड़ा विस्तार:
    यह नई अधिसूचना सरकार के 18 अक्तूबर, 2018 को जारी किए गए पुराने आदेश का स्थान लेगी। पुराने नियम में केवल बैटरी से चलने वाले (इलेक्ट्रिक) कमर्शियल वाहनों को ही परमिट से राहत दी गई थी। नए नियम में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस फायदे को तो बरकरार रखा ही गया है। साथ ही इसमें तीन अन्य आधुनिक और स्वच्छ ईंधनों को भी शामिल कर लिया गया है।

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India’s First Hydrogen Powered Truck - फोटो : Adani

कौन-कौन से ईंधनों से चलने वाली गाड़ियों को मिलेगा इस छूट का फायदा?

सरकार ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने वाली तकनीकों को रफ्तार देने के लिए इस दायरे को बड़ा किया है। अब इन ईंधनों से चलने वाले परिवहन वाहनों को 7 साल तक बिना परमिट चलने की मंजूरी होगी:

  • बैटरी से चलने वाले वाहन (Electric Vehicles): बिजली से चार्ज होकर सड़कों पर दौड़ने वाले सभी कमर्शियल वाहन।

  • E85 ईंधन (85% Ethanol): ऐसे वाहन जो 85 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर चलते हैं।

  • M100 ईंधन (100% Methanol): पूरी तरह से 100 प्रतिशत मिथेनॉल ईंधन के इस्तेमाल से संचालित होने वाले कमर्शियल वाहन।

  • हाइड्रोजन ईंधन (Hydrogen Fuel): भविष्य की सबसे स्वच्छ तकनीक माने जाने वाले हाइड्रोजन गैस इंजन से चलने वाले वाहन।

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Electric Rickshaw - फोटो : Lohia

इस फैसले का देश के परिवहन क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा?

नियामकीय प्रोत्साहन : मोटर वाहन अधिनियम के तहत उठाए गए इस कदम का सीधा उद्देश्य भारत के कमर्शियल व्हीकल मार्केट को ग्रीन और क्लीन एनर्जी की तरफ मोड़ना है। 7 साल तक परमिट की अनिवार्यता खत्म होने से ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों (गाड़ी मालिकों) का कागजी काम और परमिट का खर्च बचेगा। जिससे वे डीजल-पेट्रोल की पारंपरिक गाड़ियों को छोड़कर इलेक्ट्रिक, इथेनॉल, मेथेनॉल और हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

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