आज के दौर में जब चीन से आयातित सामानों पर बढ़ते टैक्स (टैरिफ) वैश्विक ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन को झटका दे रहे हैं, तब भारत एक मजबूत और किफायती विकल्प बनकर उभर रहा है। दुनियाभर की बड़ी ऑटो कंपनियां अब ऐसे देशों की तलाश में हैं जहां मैन्युफैक्चरिंग सस्ती हो और राजनीतिक माहौल स्थिर। ऐसे में भारत को एक सुनहरा मौका मिल सकता है।
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चीन पर अमेरिका का टैक्स, भारत के लिए मौका
एएआई ने नोमुरा की एक हालिया रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड टेंशन की वजह से अब बड़ी ऑटो कंपनियां अपने सप्लाई नेटवर्क पर दोबारा सोचने को मजबूर हो रही हैं। खासकर चीन से आने वाले ऑटो पार्ट्स पर अमेरिका में टैक्स बढ़ने से वाहन महंगे होंगे और लोगों की डिमांड थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि अब कंपनियां चीन के अलावा नए विकल्प तलाशेंगी, और भारत इसमें सबसे आगे हो सकता है।
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