जैसे-जैसे हमारी कारें और गाड़ियां हाई-टेक हो रही हैं, उनमें सॉफ्टवेयर और इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन इसके साथ ही गाड़ियों के हैक होने या सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी का खतरा भी बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है।
मंत्रालय ने नए ड्राफ्ट नियमों को प्रकाशित किया है, जो देश में पहली बार कुछ विशेष श्रेणियों के मोटर वाहनों के लिए साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर-अपडेट मैनेजमेंट को एक कानूनी अनिवार्यता बना देंगे। इस कदम के साथ ही भारत अब यूरोपीय संघ (ईयू), जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की लीग में शामिल होने जा रहा है, जहां सुरक्षा के ये कड़े मानक पहले से ही लागू हैं।
सरकार ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 में दो नए प्रावधान (नियम 125-T और 125-U) जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने 30 दिनों के लिए आम जनता और विशेषज्ञों से इस पर सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं।