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कारों में ये 10 दिक्कतें हैं बेहद आम, बिना घबराए आसान तरीकों से करें इनका समाधान!

Thu, 09 Jul 2020 05:07 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Car Problem - फोटो : For Refernce Only
लंबे लॉकडाउन के बाद अनलॉक-2 शुरू हो गया है। धीरे-धीरे ऑफिस भी खुलना शुरू गए हैं। महीनों से खाली पड़ी सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ जुटने लगी है। लंबे समय के बाद जब गाड़ियां बाहर निकल रही हैं तो उनमें थोड़ी बहुत दिक्कतें भी पेश आ रही हैं। लेकिन इन दिक्कतों से घबराने की जरूरत नहीं है। जानते हैं उन 10 दिक्कतों और उनके समाधान के बारे में...
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car battery - फोटो : for Reference Only

बैटरी डेड या डिस्चार्ज

लॉकडाउन में लंबे समय से गाड़ी खड़ी रहने से ये समस्या बेहद आम है। इसके लिए जरूरी है कि गाड़ी को एक-दो दिन के अंतराल पर स्टार्ट करते रहें। हालांकि लंबे समय तक खड़े रहने के अलावा बैटरी खराब होने की और भी कई वजहें होती हैं। जैसे चार्जिंग में फॉल्ट, पैरासाइटिक ड्रेन, खराब अल्टरनेटर आदि।

समाधान

एक जंपर केबल अपने पास रखें या चाहें तो मजबूत मोटे तांबे के तार की केबल आप भी बना सकते हैं। चाहें तो बाजार से 200-300 रुपये में भी खरीद सकते हैं। अपने पास पड़ोस में थोड़ी देर के लिए किसी की गाड़ी मांग लें। दोनों गाड़ियों के पॉजिटिव और निगेटिव टर्मिनल में तार लगाएं और थोड़ी देर के लिए रेस दें। कुछ ही मिनटों में आपकी कार स्टार्ट करने लायक चार्ज हो जाएगी।
साथ ही अगर जंपर केबल नहीं है। दूसरी कार की बैटरी उतार कर अपने कार की बैटरी के ऊपर रखें, और कार को स्टार्ट करें। अगर मैकेनिक से करावाएंगे तो बेहतर होगा। ध्यान रहे कि पेट्रोल गाड़ियों की बैटरी हल्की और और डीजल गाड़ियों की बैटरी हैवी लोड वाली होती है।            
 
 
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tyre balancing - फोटो : For Refernce Only

कार का एक तरफ भागना

अचानक आप ऑफिस से लौट रहे हैं और आपको लग रहा है कि कार सीधे न चल कर लेफ्ट या राइट जा रही है। आपको कार को सीधे चलाने में थोड़ी ताकत लगानी पड़ रही है, तो समझिए कि आपकी कार का अलाइनमेंट बिगड़ गया है।

समाधान

इसके लिए सीधे टायर एक्सपर्ट से संपर्क करें और टायर्स का अलाइनमेंट कराएं। कंप्यूटर सिस्टम की मदद से कुछ ही मिनटों में इस समस्या का समाधान हो जाएगा। आमतौर पर 6 से 8 हजार किमी पर व्हील एलाइनमेंट और बैलेंसिंग करानी चाहिए, नहीं तो सस्पेंशन में दिक्कत आ सकती है।

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car tyre - फोटो : for Reference Only

टायर का जल्दी घिसना

कार के टायर बीच-बीच में चेक करते रहना जरूरी है। अगर आपको लगे कि बाकी टायर्स के मुकाबले आपका कोई एक टायर जल्दी घिस रहा है, तो समझिए आपकी गाड़ी को व्हील बैलेसिंग की जरूरत है। ये समस्या ज्यादातर आगे वाले टायर्स में आती है क्योंकि इन पर इंजन का वजन होता है।

समाधान

इसके लिए तुरंत टायर एक्सपर्ट से संपर्क करें। इसमें चारों टायर्स को निकाल कर कंप्यूटराइज्ड व्हील बैलेंसर पर लगाया जाता है। चारों पहियों को कंप्यूटर के जरिए अलग-अलग चेक किया जाता है और कंप्यूटर अपनी गणना के हिसाब से वजन रखने का सुझाव देता है। वजन असंतुलन को ठीक उसी जगह पर रिम पर काउंटरवेट रखकर ठीक किया जाता है जहां कंप्यूटर निर्देश देता है। इसके बाद व्हील्स को फिर से चेक किया जाता है, अगर एक टायर पर वजन 100 ग्राम से ज्यादा होता है तो आपको टायर या रिम बदलने के लिए कहा जा सकता है।
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car engine - फोटो : For Refernce Only

इंजन ओवर हीटिंग

अगर आपने इस समस्या को नजरंदाज किया तो यह बड़ी दिक्कत पेश कर सकता है। कार के टेंपरेचर गॉज पर नजर रखें। अगर इंजन ओवरहीट कर रहा है, तो कार के कूलिंग सिस्टम में दिक्कत हो सकती है। ज्यादातर यह कम कूलेंट की वजह से होते हैं।

समाधान

कार सर्विस कराते समय कूलेंट को टॉपअप कराएं। अगर आपकी कार लगातार ओवरहीट कर रही है, तो लेवल चेक करें और अगर लेवल सही है तुरंत किसी वर्कशॉप से संपर्क करें।
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car paint - फोटो : For Refernce Only

कार का पेंट हल्का पड़ना

लंबे समय तक कार खड़ी रहने से यह दिक्कत पेश आती है। आजकल घरों में पार्किंग की समस्या होती है तो लंबे समय तक धूप में सीधे खड़े रहने से ज्यादातर कारों के मालिक इस समस्या से परेशान रहते हैं। इसकी वजह हैं कि अल्ट्रावायलेट किरणें।

समाधान

हर 10-15 दिन पर कार को कार शेम्पू से धोएं और उसके बाद अच्छी क्वॉलिटी की पॉलिश इस्तेमाल करें। चाहें तो हाई ग्रेड कोटिंग भी करवा सकते हैं। इसे लंबे समय तक आपकी कार का नेचुरल शेड बरकरार रहेगा।
 
 
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car mileage - फोटो : For Reference Only

कम माइलेज

ये समस्या बेहद आम है। आमतौर पर यह समस्या आपकी ड्राइविंग हैबिट्स पर निर्भर करती है। लेकिन अगर आप अच्छे से ड्राइविंग करते हैं और फिर भी ये दिक्कत पेश हो रही है, तो इसका मतलब कार की सर्विसिंग का वक्त नजदीक आ गया है। सर्विसिंग में देरी से स्पार्क प्लग, फ्यूल इंजेक्टर्स, एयर फिल्टर में ज्यादा धूल जमना आदि समस्या हो सकती हैं, जिससे माइलेज कम हो सकता है।

समाधान

जितनी जल्दी हो सके, कार को सर्विसिंग के भेजें। सर्विस मैनेजर बता देगा कि किस पार्ट को कब बदलना है। इससे आपकी माइलेज की प्रॉब्लम सॉल्व हो सकती है।
 
 

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Car Pollution - फोटो : For Refernce Only

एग्जॉस्ट से धुआं

आमतौर पर कार से सफेद धुआं निकलता है, लेकिन अगर धुएं का रंग बदलने लगे तो समझिए कि एग्जास्ट सिस्टम में कोई दिक्कत पेश हो रही है।

सलेटी रंग का धुआः अगर कार से ग्रे रंग का धुआं निकल रहा है तो इसका मतलब है कि फ्यूल के साथ कूलेंट भी जल रहा है। इंजन ब्लॉक, सिलेंडर हेड या हेड गैसकेट में कहीं लीकेज हो रहा है।

नीला धुआः इसका मतलब है कि वाल्व सील्स, पिस्टन रिंग में कोई लीकेज हो रहा है या पिस्टन रिंग घिस गए हैं। इससे इंजन ऑयल जल्दी घिस सकता है और इंजन को समस्या पैदा हो सकती है।

काला धुआः इसका मतलब है कि किसी वजह से कंब्शन चैंबर्स में ज्यादा मात्रा में फ्यूल का लीकेज हो रहा है। हालंकि यह समस्या नई कारों में कम पुरानी कारों में ज्यादा होती है।
 
इसके समाधान के लिए तुरंत किसी अनुभवी कार मैकेनिक या सर्विस सेंटर से संपर्क करें।

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Car Engine Oil - फोटो : For Refernce Only

लो इंजन ऑयल

लंबे समय तक गाड़ी खड़ी रहने से लो इंजन ऑयल की दिक्कत हो सकती है। अकसर यह लंबे समय कार सर्विस न कराने या रैश ड्राइविंग की वजह से भी हो सकता है। इससे इंजन के जरूरी पार्ट्स में बड़ी समस्या हो सकती है। जरूरी है कि हमेशा इंजन ऑयल का टॉप-अप कराते रहें।
 
 

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car brake - फोटो : For Refernce Only

ब्रेक की समस्या

लंबे समय तक गाड़ी खड़ी रहने से ब्रेक पैड जाम जाते हैं। गाड़ी को गियर में खड़ी करके हेंड ब्रेक निकाल दें। वहीं अगर जल्दी ब्रेक घिस रहे हैं, तो यह ओवर स्पीडिंग के दौरान भी तेजी से ब्रेक लगाने से भी हो सकता है। इससे ब्रेक पैड्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है और वे घिस जाते हैं। कभी इमरजेंसी में ब्रेक लगाने की जरुरत पड़े तो डिस्क में क्रेक आ सकता है।  
समाधान

तुरंत ब्रेक पैड्स बदलाएं। साथ ही, थोड़ी सा ड्राइविंग की आदत बदलें। अनावश्यक तौर पर तेजी से ब्रेक न लगाएं। रेड लाइट अगर दूर से दिखाई दे रही है, तो गाड़ी की रफ्तार कम करके हल्के ब्रेक लगा कर रोकें।
 
 
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Car AC mileage - फोटो : For Refernce Only

कम कूलिंग

लंबे समय. तक कार की सर्विस न कराने पर ये समस्या होती है। अगर कार लंबे समय तक खड़ी रहती है, तो एसी की गैस लीकेज हो सकती है। या फिर कंप्रेसर चोक होने या टूटने से भी यह दिक्कत हो सकती है।

इसके लिए तुरंत कार मैकेनिक से संपर्क करें। एसी की सर्विसिंग कराते रहें।
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