Car engine oil
- फोटो : Freepik
इंजन ऑयल, अन्य फ्लूइड्स की नियमित जांच
कार के इंजन का ऑयल उसकी "जान" होता है। यह इंजन के हिस्सों को घर्षण से बचाता है और ज्यादा गर्म होने से रोकता है। लेकिन समय के साथ ऑयल खराब हो जाता है और उसमें गंदगी जमने लगती है। इसलिए करीब हर 8,000 से 12,000 किमी (या गाड़ी की कंपनी की सलाह के मुताबिक) पर इंजन ऑयल और फिल्टर बदलवाना जरूरी है। इसके अलावा ट्रांसमिशन फ्लूइड, ब्रेक फ्लूइड, कूलेंट, पावर स्टीयरिंग फ्लूइड और वाइपर वॉशर फ्लूइड को भी समय-समय पर चेक और रिफिल करते रहना चाहिए। ये सब मिलकर कार के इंजन और परफॉर्मेंस को सुरक्षित और टिकाऊ बनाते हैं।
यह भी पढ़ें - Fake Helmets: नकली हेलमेट पहनना पड़ेगा भारी, अब चालान ही नहीं, होगी एफआईआर भी