भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) (CAG) (सीएजी) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में टोल वसूली को लेकर गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन खामियों के कारण सड़क उपयोगकर्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा।
NHAI से कहां हुई चूक?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर आरोप है कि उसने तय नियमों का पालन नहीं किया।
नियमों के मुताबिक, जब किसी प्रोजेक्ट का कंसेशन पीरियड खत्म हो जाता है और NHAI टोल वसूली अपने हाथ में लेता है। तो टोल दरों को 40 प्रतिशत तक कम करना जरूरी होता है।
लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे लोगों से ज्यादा टोल वसूला गया।