Budget Expectations 2023: सुरक्षित सड़कों की वकालत करने वाली वैश्विक संस्था International Road Federation (IRF), इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (आईआरएफ) ने गुरुवार को कहा कि उसने सरकार से हेलमेट पर जीएसटी को खत्म करने की अपील की है।
हेलटमेट पर कितना है टैक्स
मौजूदा समय में हेलमेट पर 18 प्रतिशत जीएसटी (GST) लगता है।
विज्ञापन
2 of 6
हेलमेट
- फोटो : अमर उजाला
वैश्विक सड़क सुरक्षा निकाय ने कहा, "आईआरएफ ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे एक पत्र में आगामी केंद्रीय बजट 2023-24 में दोपहिया सवारों की सुरक्षा के लिए जीवन रक्षक उपकरण हेलमेट पर जीएसटी को वर्तमान 18 प्रतिशत से घटाकर 0 प्रतिशत करने की मांग की है।"
विज्ञापन
3 of 6
बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन का उपयोग करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
भारत में दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का लगभग 11 प्रतिशत हिस्सा है। और दोपहिया वाहन सवार, जो सबसे जल्दी घायल हो जाते हैं, मुख्य रूप से सिर की चोटों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का लगभग 31.4 प्रतिशत हिस्सा हैं।
आईआरएफ के अध्यक्ष एमेरिटस के के कपिला ने वित्त मंत्री को लिखे एक पत्र में कहा, "दोपहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में चोटों और मौतों को कम करने के लिए सबसे प्रभावी उपायों में से एक स्टैंडर्ड हेलमेट का इस्तेमाल है।"
4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : For Reference Only
देश में हेलमेट का इस्तेमाल कम पाया गया है। यह देखा गया है कि ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग में आते हैं और ऐसे हेलमेट खरीदना पसंद करते हैं जो सस्ते हों, भले ही उनकी क्वालिटी कुछ खास नहीं हों। कपिला ने समझाया कि इनमें से कई हेलमेट किसी दुर्घटना की स्थिति में सवार की जान बचाने में सक्षम नहीं होते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
non ISI mark Helmet
- फोटो : For Reference Only
उन्होंने कहा, "इस समय, हेलमेट पर जीएसटी की लागू दर 18 प्रतिशत है, जो एक जीवन रक्षक उपकरण है। मैं, सड़क सुरक्षा के समर्थक के रूप में, दृढ़ता से अनुशंसा करता हूं कि हेलमेट पर कोई जीएसटी नहीं होना चाहिए। इससे स्टैंडर्ड हेलमेट बनाने में मदद मिलेगी। यह आम लोगों के लिए स्टैंडर्ड हेलमेट को ज्यादा किफायती बनाने में मदद करेगा और उन्हें घटिया गुणवत्ता के हेलमेट खरीदने से हतोत्साहित करेगा।"