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Bharat NCAP: भारत एनसीएपी का कार बीमा पर क्या असर होगा, क्या इंश्योरेंस प्रीमियम में आएगी कमी?

Fri, 25 Aug 2023 07:35 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Car Crash Test - फोटो : For Reference Only
भारत ने अपना पहला स्वदेशी कार दुर्घटना सुरक्षा परीक्षण और मूल्यांकन कार्यक्रम भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत एनसीएपी या बीएनसीएपी) लॉन्च किया है। 1 अक्तूबर, 2023 से लागू होने वाला यह कार्यक्रम अमेरिका, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के बाद भारत को इस तरह का सुरक्षा परीक्षण और मूल्यांकन प्रोटोकॉल रखने वाला दुनिया का पांचवां देश बनाता है। भारत सरकार को उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से भारत में कारों की सुरक्षा बढ़ेगी, उपभोक्ताओं के बीच वाहन सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ेगी और भारत में बनी कारों की निर्यात-योग्यता बढ़ेगी।
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For Reference Only - फोटो : For Reference Only
कुछ ऑटोमोबाइल बीमा कंपनियां कम प्रीमियम पर कारों को बीमा कवरेज प्रदान करती हैं, जब बीमित वाहन विभिन्न प्रौद्योगिकी-सहायता प्राप्त सुरक्षा उपकरणों से लैस होता है, जो चोरी या अन्य क्षति की संभावना को कम करता है। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि जो कारें नए भारत एनसीएपी कार्यक्रम के तहत उच्च सुरक्षा रेटिंग हासिल करेंगी, उनका बीमा कम प्रीमियम पर हो सकता है। साथ ही, इस बारे में भी सवाल हैं कि भारत एनसीएपी कार बीमा उद्योग को कैसे प्रभावित करेगा, जो उद्योग इकोसिस्टम का एक बड़ा हितधारक है।
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Car Crash Test - फोटो : For Reference Only
क्या मानते हैं ऑटो इंडस्ट्री के विशेषज्ञ
ऑटो उद्योग के विशेषज्ञों में से कुछ की राय है कि भारत एनसीएपी बीमा कंपनियों के लिए प्रेफरेंशियल प्रीमियम प्राइसिंग सिस्टम (तरजीही प्रीमियम मूल्य निर्धारण प्रणाली) शुरू करने का मौका लाता है। फॉक्सवैगन इंडिया के पूर्व मार्केटिंग प्रमुख अविक चट्टोपाध्याय ने कहा कि बीएनसीएपी सस्ती कार के बजाय सुरक्षित कार चुनने की संभावना को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि बीएनसीएपी कार्यक्रम बीमा कंपनियों के लिए उन वाहनों के लिए तरजीही प्रीमियम मूल्य निर्धारण करने का एक शानदार मौका होगा जिन्हें ज्यादा स्टार मिलते हैं... जितने ज्यादा स्टार होंगे प्रीमियम उतना कम होगा। यह संभावित ग्राहकों को सस्ते वाहन के बजाय सुरक्षित वाहन चुनने के लिए प्रोत्साहित करने का एक निश्चित तरीका होगा। यह प्रदूषण फैलाने वाले वाहन के बजाय ग्रीन वाहन चुनने जैसा है। यह उपभोक्ता के फायेद के लिए होगा।" 

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For Reference Only - फोटो : For Reference Only
बीएनसीएपी के असर और कार बीमा उद्योग पर इसके प्रभाव के बारे में बोलते हुए, एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के निदेशक पुनीत गुप्ता ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए। उनका मानना है कि कार बीमा कंपनियां निश्चित रूप से नई भारत एनसीएपी सुरक्षा रेटिंग को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं और उन वाहनों से ज्यादा प्रीमियम वसूल सकती हैं जो कार्यक्रम के तहत पंजीकृत नहीं हैं। गुप्ता ने कहा, यह भारत में कार निर्माताओं को लंबे समय में सुरक्षित वाहन पेश करने के लिए मजबूर करेगा, जिससे आखिरकार भारतीय उपभोक्ताओं को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, "भारत एनसीएपी सही दिशा में एक कदम है। अब उपभोक्ता उत्पादों में अंतर कर सकेंगे और सुरक्षित मॉडल चुन सकेंगे।"
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Car Crash Test - फोटो : For Reference Only
इंडिया-कैपजेमिनी के उपाध्यक्ष और ऑटोमोटिव के उद्योग प्रमुख अनुराग भारद्वाज का मानना है कि बीएनसीएपी लागू होने से, दुर्घटनाओं के संदर्भ में जोखिम घटने से बीमांकिक रूप से कम प्रीमियम गणना होगी। उन्होंने कहा, इस तरह मध्यम अवधि में बीमा प्रीमियम में कुछ गिरावट होगी। भारद्वाज ने कहा, "जैसे-जैसे वाहन सुरक्षित होते जा रहे हैं, बीमा कंपनियों को यात्रियों के जीवन कवर के लिए वसूले जाने वाले प्रीमियम के बारे में सोचना होगा और यात्रियों के जीवन कवर पर प्रीमियम कम करने पर विचार करना होगा क्योंकि इससे मृत्यु दर में कमी आएगी।"
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Car Insurance - फोटो : For Reference Only
बीमा उद्योग के विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
जबकि उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि भारत एनसीएपी भारत में कारों को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा, उपभोक्ताओं की ओवरऑल सुरक्षा को बढ़ाएगा। लेकिन इस सवाल का जवाब कि क्या नया सुरक्षा प्रोटोकॉल कार मालिकों के पक्ष में कार बीमा प्रीमियम को प्रभावित करेगा, फिलहाल साफ नहीं है। बीमा उद्योग के लीडर कार मालिकों के खुद के नुकसान कवरेज प्रीमियम के कम होने के बारे में निश्चित नहीं हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि बीएनसीएपी के कारण थर्ड पार्टी की लायेबिल्टी प्रीमियम में कमी आ सकती है। जूनो जनरल इंश्योरेंस के मुख्य तकनीकी अधिकारी नितिन देव ने कहा कि बढ़े हुए सुरक्षा मानक के साथ, दुर्घटनाओं, मृत्यु और चोट के मामलों की संख्या में कमी आएगी और इसकी वजह से बीमाधारक के लिए थर्ड पार्टी प्रीमियम में राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, "प्रति वर्ष दुर्घटनाओं, मृत्यु, चोट के मामलों की संख्या का थर्ड पार्टी के प्रीमियम पर सीधा प्रभाव पड़ता है। सुरक्षा मानकों में बढ़ोतरी के साथ, ऐसे मामलों में कमी आएगी और बीमाधारक के लिए थर्ड पार्टी के प्रीमियम में राहत मिलेगी।"
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Car insurance - फोटो : For Reference Only
यह सवाल पूछे जाने पर, उद्योग के एक अन्य प्रमुख खिलाड़ी, फ्यूचर जेनराली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि कार बीमा उद्योग पर भारत एनसीएपी के प्रभाव के बारे में किसी भी निष्कर्ष पर आना जल्दबाजी होगी।

कुल मिलाकर, मोटर वाहन बीमा के तीन पहलू हैं: सवारों के लिए जीवन कवर, वाहन को नुकसान और थर्ड पार्टी को नुकसान। भारत एनसीएपी का असर सिर्फ एक कारक पर पड़ेगा जो कि सवारों के लिए जोखिम है, जबकि दो अन्य कारक अप्रभावित रहेंगे। इसलिए, बीमा प्रीमियम में सिर्फ मामूली गिरावट देखी जा सकती है।
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