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Automobile Stocks: ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में क्यों आया उछाल, जानें क्या सोचते हैं इंडस्ट्री के दिग्गज

Sat, 01 Feb 2025 06:52 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

1 फरवरी को जब वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट 2025 पेश किया, तब मारुति सुजुकी का शेयर करीब 2 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा था। लेकिन दिन के आखिर तक, यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लगभग 5 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। आखिर ऐसा क्या हुआ कि ऑटो कंपनियों के शेयरों में अचानक उछाल आ गया?
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Maruti E Vitara - फोटो : Amar Sharma
1 फरवरी को जब वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट 2025 पेश किया, तब मारुति सुजुकी का शेयर करीब 2 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा था। लेकिन दिन के आखिर तक, यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लगभग 5 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। आखिर ऐसा क्या हुआ कि ऑटो कंपनियों के शेयरों में अचानक उछाल आ गया?

असल में, सिर्फ मारुति सुजुकी ही नहीं, बल्कि पूरे ऑटो सेक्टर के शेयरों में उछाल आया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब एलान किया कि लिथियम-आयन बैटरियों पर कस्टम ड्यूटी कम की जाएगी, बैटरी निर्माण से जुड़े जरूरी उपकरणों पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटेगी और ऑटो इंडस्ट्री में काम आने वाले कई जरूरी मिनरल्स को सस्ता किया जाएगा। तब बाजार में जबरदस्त सकारात्मक माहौल बन गया। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी की लागत कम होगी। 
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हुंडई क्रेटा ईवी - फोटो : अमर उजाला
इस एलान के बाद, ह्यूंदै मोटर इंडिया, आयशर मोटर्स, बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर जैसी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.9 प्रतिशत बढ़कर 23,305.45 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 में भी मारुति सुजुकी और आयशर मोटर्स टॉप फायदे वाले शेयरों में शामिल रहे।
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Eric Vas, President Urbanite,Rishabh Bajaj,Abraham Joseph, MD Bajaj Auto, with 2025 Chetak Electric - फोटो : Bajaj Auto
ईवी सेक्टर को मिलेगा फायदा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रांट थॉर्नटन भारत के ऑटो और ईवी इंडस्ट्री लीडर साकेत मेहरा ने कहा, "कम इम्पोर्ट कॉस्ट से ईवी सस्ते होंगे, जबकि घरेलू स्तर पर खनिजों की खोज, बैटरी निर्माण और इलेक्ट्रोलाइट उत्पादन में निवेश से देश को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। ये कदम सप्लाई चेन की समस्याओं को कम करेंगे और भारत की क्लीन मोबिलिटी की ओर बढ़ने की रफ्तार तेज करेंगे।"

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Auto Expo 2025 - फोटो : प्रशान्त पाण्डेय
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, "ग्रामीण विकास और कृषि पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ इनकम टैक्स में सुधार से ऑटो इंडस्ट्री को सकारात्मक बढ़ावा मिलेगा और मांग बढ़ेगी।" उन्होंने आगे कहा, "महत्वपूर्ण खनिजों (जैसे कोबाल्ट, सीसा, जिंक आदि), लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप और 35 अन्य पूंजीगत वस्तुओं को कस्टम ड्यूटी से छूट देने से देश में एक मजबूत ईवी इकोसिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी।"
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Kia Syros SUV - फोटो : Amar Sharma
बिक्री के आंकड़ों से मिला और सपोर्ट
ऑटो कंपनियों के लिए अच्छी खबर यहीं खत्म नहीं हुई। जनवरी के मासिक बिक्री आंकड़ों ने भी शेयरों को और मजबूती दी। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 2.7 प्रतिशत उछलकर 3,069.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के घरेलू ट्रैक्टर सेल्स जनवरी में 15 प्रतिशत बढ़कर 26,305 यूनिट्स पर पहुंच गए। जिससे कुल बिक्री में भी 15 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी दर्ज हुई।
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Mahindra Rise at Auto Expo 2025 - फोटो : Mahindra
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ ईवी और बैटरियों को बढ़ावा देने से ही नहीं, बल्कि लोगों की जेब में ज्यादा पैसा छोड़कर खपत बढ़ाने से भी ऑटो सेक्टर को फायदा मिला। महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप सीईओ और एमडी अनिश शाह ने कहा, "2025 के केंद्रीय बजट की हम सराहना करते हैं, जिसने टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव करके मजबूत खपत बढ़ोतरी का समर्थन किया है। इससे लोगों के हाथ में ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम आएगी और निजी क्षेत्र का पूंजी निवेश भी सकारात्मक दिशा में जाएगा।"
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Oben Rorr EZ Electric Motorcycle - फोटो : Oben Electric
ओबेन इलेक्ट्रिक की फाउंडर और सीईओ, मधुमिता अग्रवाल कहती हैं, "केंद्रीय बजट 2025 संतुलित है, क्योंकि यह भारत को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में मदद करता है, साथ ही देश की रीढ़ कहे जाने वाले MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को सपोर्ट करता है। और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है। क्लीन टेक में किया गया निवेश निश्चित रूप से ईवी सेक्टर को बढ़ावा देगा।

इसके अलावा, यह बजट देश में उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) की अगली लहर को आगे बढ़ाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान लेकर आया है। खासतौर पर, 10,000 करोड़ रुपये के नए 'फंड ऑफ फंड्स' की घोषणा स्वागत योग्य कदम है, खासकर पिछली साल स्टार्टअप्स को झेलनी पड़ी फंडिंग की कमी और आर्थिक सुस्ती को देखते हुए।"
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JBM Bus at Auto Expo - फोटो : Amar Sharma
जेबीएम ऑटो लिमिटेड के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, निशांत आर्य कहते हैं, "केंद्रीय बजट 2025 निजी क्षेत्र के निवेश, MSME विकास और एक मजबूत घरेलू ईवी निर्माण इकोसिस्टम को प्राथमिकता देता है। क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए, ईवी बैटरी उत्पादन और महत्वपूर्ण खनिजों पर दी गई शुल्क छूट, प्रधानमंत्री की ई-ड्राइव योजना के अनुरूप है, जिससे ग्रीन मोबिलिटी को रफ्तार मिलेगी। और भारत के बैटरी और सेल निर्माण क्षमता को बढ़ाने के मिशन को मजबूती मिलेगी।

यह न सिर्फ उत्पादन लागत को कम करेगा, बल्कि कंपनियों को अपने संचालन का विस्तार करने, तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाने और भारत के युवाओं के लिए उच्च-मूल्य वाले रोजगार के मौके पैदा करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, 5 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (National Centres of Excellence) की स्थापना भी एक महत्वपूर्ण कदम है।"
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