अक्तूबर महीने में देश में यात्री वाहनों (पीवी) की बिक्री रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। तिपहिया वाहन सेगमेंट का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। जबकि दोपहिया वाहन बाजार ने कुछ तनाव की अवधि के बाद भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की। वाहन उद्योग के संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के ताजा आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है।
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Automobile Sector Cars
- फोटो : PTI
सियाम द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने घरेलू भारतीय बाजार में पीवी या कार की बिक्री किसी भी पिछले साल के अक्तूबर के महीने के मुकाबले सबसे ज्यादा थी। बाजार में 3,89,714 यूनिट्स की बिक्री देखी गई। जो 2022 के अक्तूबर में बेची गई 3,36,330 यूनिट्स की तुलना में 15.9 प्रतिशत ज्यादा है। थ्री-व्हीलर सेगमेंट में प्रदर्शन 2022 के अक्तूबर में बेचे गए 54,154 यूनिट्स की तुलना में 76,940 यूनिट्स की बिक्री के साथ और भी मजबूत था। यह 42.1 फीसदी का उछाल है।
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Bike Plant
- फोटो : For Reference Only
सियाम ने इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय त्योहारी अवधि के साथ-साथ सरकारी नीतियों को प्रोत्साहित करने को दिया। यहां तक कि दोपहिया वाहन बाजार में भी पिछले महीने 18,95,799 यूनिट्स की बिक्री के साथ प्रभावशाली बढ़ोतरी देखी गई। जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 20.1 प्रतिशत ज्यादा है।
सियाम के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा, "अन्य यात्री वाहनों और तिपहिया वाहनों ने अक्तूबर में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की है। जबकि टू-व्हीलर सेगमेंट ने भी अक्तूबर 2023 में अच्छी बिक्री दर्ज की है। विकास की यह रफ्तार उद्योग के लिए उत्साहजनक है जो सरकार की निरंतर अनुकूल नीतियों और चल रहे त्योहारी सीजन की वजह से हासिल हो पाई है।
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New Car
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जब सभी वाहन सेगमेंट - पीवी, वाणिज्यिक वाहन, दो और तीन पहिया वाहनों की बिक्री के आंकड़ों को जोड़ा जाता है, तो 23,14,197 का आंकड़ा 2022 के अक्तूबर में बेचे गए सभी वाहनों की 19,23,721 यूनिट्स से एक बड़ी छलांग को दर्शाता है।
अक्तूबर का रिकॉर्ड भले ही टूट गया हो, लेकिन एक और रिकॉर्ड भी हो सकता है, जिसके टूटने की भी पूरी संभावना है। और वह है इस बार नवंबर में बिक्री का रिकॉर्ड। इस साल धनतेरस और दिवाली का त्योहार नवंबर में है जिसका मतलब है कि इस महीने में भी तेज बिक्री देखी जा सकती है। पीवी और दोपहिया सेगमेंट में कई नए मॉडल लॉन्च, साथ ही उत्पादन और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों को आसान बनाना, भारतीय ऑटोमोटिव परिदृश्य में एक बूस्टर खुराक की भूमिका निभा रहा है।