फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुरानी कार खरीदते वक्त इन 7 बातों का रखेंगे ख्याल, तो कभी नहीं होंगे निराश

Wed, 19 Sep 2018 01:13 PM IST
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
buying used cars in india
भारत में आॅटोमोबाइल इंडस्ट्री का बाजार आजकल हर मौसम में गर्म रहता है। कंपनियां एक तरफ नए मॉडल लांच करके ग्राहकों को लुभा रहीं हैं तो दूसरी तरफ पुराने मॉडल्स को अपडेट करके। इसके चलते कुछ ग्राहक नए मॉडल लेने के लिए अपनी कार को एक से दो साल के अन्दर ही रीसेल में डाल देते हैं जिससे सेकेंड हैंड कारो का  बाजार भी दना-दन चलता रहता है।

हालांकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी अन्य कारणो ये अपनी कार को बेच देते हैं। खैर,वजह चाहे जो भी हो सेकेंड हैंड कार खरीदने में कोई बुराई नहीं है बस आपको कुछ चीजो की जानकारी होना आवश्यक है। अगर आपको नहीं पता है तो जान लिजिए सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरुरी है। 
 
विज्ञापन

2 of 5
second hand cars

सर्विस रेकॉर्ड 
कार की सर्विस हिस्ट्री कार मालिक से लेकर देखें। जिससे आपको पता चल जाएगा कि कार की सर्विसिंग और मेंटेनेंस कब-कब हुई है और कब कोई बड़ी खराबी  कार में हुई । सर्विस हिस्ट्री से यह भी पता चल जाएगा कि इंजन ऑयल सही समय पर बदलवाया जा रहा है या नहीं। कार की हुड खोलकर यह भी चेक कर लें कि किसी तरह की कोई लीकेज तो नहीं है। 

आर सी
कार को खरीदते वक्त जाहिर है आप उसकी आर सी  जरुर देखेंगे लेकिन आर सी में लिखी डेट बोनट के नीचे गाड़ी की मैन्युफैक्चर डेट से मिलती है या नहीं यह भी चेक कर लें।
विज्ञापन

3 of 5
सांकेतिक तस्वीर
इंश्योरेंस
कार को खरीदते समय उसका इंश्योरेंस देख लें कि जो कार आपको बेची जा रही है, उसका इंश्योरेंस कराया गया है या नहीं।  इंश्योरेंस पेपर आपके नाम से ट्रांसफर हो जाए, यह भी सुनिश्चित करा लें। ध्यान रहे कि कार बेचने की तारीख तक उस कार का रोड टैक्स चुका दिया गया है या नहीं।  चाहें तो आप कार की ओरिजिनल इनवॉयस भी मांग सकते हैं।
 
कार के मैकेनिक को दिखाए
कार को जब देखने जायें तो अपने साथ एक मैकेनिक को अवश्य लेकर जाएं। कार को अंदर और बाहर दोनों तरफ से अच्छे से चेक करना होगा। कार के सभी पार्ट्स बॉडी, पेंटिंग, इंजन, दरवाजे, डिग्गी, हुड, लाइट, शीशे इत्यादि को बारीकी से जॉच लें। 

4 of 5
long drive
टेस्ट ड्राइव ले लंबी
 किसी भी गाड़ी को जब तक आप चला कर नहीं देखेंगे आपको कार की सही कंडीशन का अंदाजा नही होगा। इसलिए कार चलाकर उसका पिकअप, गियर शिफ्टिंग, एक्सिलेरेटर का पता लगाया जा सकता है कि इनमें कोई खराबी तो नहीं है।

एनओसी
कार को खरीदते वक्त कार मालिक से उसकी एनओसी जरूर ले लें साथही ध्यान रखे कि कार पर कोई लोन तो नहीं चल रहा है। अगर कार को लोन लेकर कार खरीदा गया है तो आपको उस व्यक्ति से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' लेना जरूरी है। यह सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण होगा कि उसने लोन की सारी रकम चुका दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
car paint
कार की बॉडी लाइन, फ्लोरिंग, जंग, ऑयल लीकेज, टायर की हालत, डोर बॉर्डर और डिग्गी बॉर्डर वगैरह की भी जांच कर लेनी चाहिए। सस्पेंशन की हालत, व्हील अलाइनमेंट और इंजन की आवाज भी चेक कर लेनी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें