फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑटो सेक्टर पर कोरोना के असर को लेकर सारे गणित फेल, वाहनों की बंपर मांग से हैरान हुईं कंपनियां

Fri, 10 Jul 2020 06:27 PM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
फाइल फोटो - फोटो : PTI
कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर जिन सेक्टर्स पर देखने को मिला है उनमें ऑटो सेक्टर भी एक है। हालांकि, जब 50 दिनों के लॉकडाउन के बाद वापस से शोरूम खुलने शुरू हो गए, तो सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या लोग कोरोना काल में वाहनों की खरीदारी करेंगे? ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जो अनुमान ऑटो सेक्टर को लेकर लगाए गए थे, उसके मुकाबले स्थिति काफी बेहतर है और तेजी से उसमें सुधार हो रहा है। भारतीय ऑटो सेक्टर में मौजूदा हालात ये हैं कि सप्लाई के मुकाबले देश में वाहनों की मांग ज्यादा बढ़ गई है।
विज्ञापन

2 of 5
Bike Manufacturing Plant - फोटो : PTI

कोरोना से पहली की स्थिति में हो रही वापसी

वाहनों की खरीद को लेकर की जा रही पूछताछ और ऑर्डर कोरोना से पहले की हालत का 85 फीसदी हो गया है। साधारण भाषा में कहें तो कोरोना से पहले जहां 100 लोग वाहनों का ऑर्डर या पूछताछ करते थे, तो वहीं अब 85 लोग ऑर्डर या पूछताछ कर रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
Hyundai Car (सांकेतिक) - फोटो : Unsplash

2 लाख से ज्यादा हुई पैसेंजर वाहनों की बुकिंग

लॉकडाउन के बाद से अब तक दो लाख से भी ज्यादा पैसेंजर वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। वहीं, माना जा रहा है कि जुलाई महीने में यह आंकड़ा और भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

4 of 5
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Suzuki Motor

बिक्री बढ़ी, सप्लाई घटी

वाहनों के प्रोडक्शन में आई कमी का दो सबसे बड़ा कारण प्रवासी मजदूरों का अपने घरों कों वापस जाना और सरकार की तरफ से प्रति व्यक्ति 8 घंटे की शिफ्ट तय करना है। फैक्ट्रियों में 45 से 50 फीसदी का ही प्रोडक्शन हो पा रहा है, जिसके चलते सप्लाई में 35 से 40 फीसदी की कमी आ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Unsplash

जून के मुकाबले जुलाई में बढ़ेगा प्रोडक्शन

जून के मुकाबले जुलाई महीने में पैसेंजर वाहनों के प्रोडक्शन में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी आएगी। कंपनियां इस दौरान 160000 से 170000 वाहनों का प्रोडक्शन करेंगी। बता दें कि पिछले 20 सालों में वित्तवर्ष 20 बिक्री के मामले में सबसे ज्यादा खराब रहा 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें