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गाड़ियों की बिक्री घटने से बाजार में मचा हाहाकार, क्या मोदी सरकार खेलेगी ये दो बड़े दांव?

Fri, 07 Aug 2020 10:58 AM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक - फोटो : Amar Ujala
जब साल 2019 खत्म हुआ तो ऑटो इंडस्ट्री को उम्मीद थी कि अब उनके वापस से अच्छे दिन शुरू होंगे। शुरुआती कुछ महीनों में इसका असर भी दिखा, जहां कंपनियों की बिक्री में कुछ सुधार हुआ। लेकिन इससे पहले कि ऑटो इंडस्ट्री वापस से रफ्तार पकड़ पाती तब तक कोरोना की मार ने इस सेक्टर को लगभग चार साल पीछे कर दिया। दरअसल निर्माता कंपनियों के लिए बिक्री के लिहाज से साल 2019 काफी निराशाजनक था। इस साल लगभग सभी वाहन कंपनियों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इसके कई कारण थे जिनमें बीएस6 नॉर्म्स और सुरक्षा के लिए एबीएस फीचर को लेकर वाहनों में जारी अपग्रेड एक बड़ा कारण था। 

पिछले साल ऑटो इंडस्ट्री के बिगड़ते हालत को देखते हुए भारत सरकार को भी मदद के लिए सामने आना पड़ा था। लेकिन शायद उस सारी मेहनत पर कोरोना ने पानी फेर दिया। ऐसे में अब एक बार फिर से सभी कंपनियां सरकार से मदद की मांग कर रही हैं। ऑटो इंडस्ट्री को हुए नुकसान से उबरने के लिए कंपनियों की दो बड़ी मांगे हैं। 
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फाइल फोटो - फोटो : PTI

राहत पैकेज की मांग

सरकार से ऑटो इंडस्ट्री की पहली मांग राहत पैकेज की है। कंपनियों का कहना है कि इस मुश्किल की घड़ी से बाहर निकलने के लिए सरकार उन्हें आर्थिक मदद दे। कंपनियों का कहना है कि बिक्री में आई जबरदस्त कमी से ऑपरेशन काफी प्रभावित हुआ है। इसके अलावा सुरक्षा मानकों को पूरा करने में काफी खर्च आ रहा है।
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Bike Manufacturing Plant - फोटो : Social Media

घटाई जाएं जीएसटी की दरें

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम- SIAM) के अध्यक्ष राजन वढेरा के मुताबिक कंपनियों को वाहनों पर 3 से 9 फीसदी तक का मुनाफा होता है। जबकि, सरकार की तरफ से वाहनों पर 28 से 60 फीसदी तक जीएसटी टैक्स लगाए जा रहे हैं। वढेरा का कहना है कि कंपनियों के मार्जिन से ज्यादा तो सरकार को फायदा हो रहा है। ऐसे में उनका कहना है कि एक साल के लिए सरकार जीएसटी की दरों को 10 फीसदी तक घटा दे।

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Parking - फोटो : Unsplash

बिक्री बढ़ाने के रास्ते हो रहे बंद

इंडस्ट्री का कहना है कि कोरोना काल में हुए नुकसान के कारण ग्राहकों को डिस्काउंट देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बिक्री का बढ़ाने में और भी परेशानी आ रही है। कंपनियों का कहना है कि कोविड-19 को लेकर अपनाए जा रहे सुरक्षा प्रयासों में अतिरिक्त खर्च के कारण डिस्काउंट देना मुश्किल है।
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फाइल फोटो - फोटो : PTI

बिक्री घटने से परेशान

सियाम का कहना है कि कोरोना से हुए नुकसान को देखते हुए ऑटो इंडस्ट्री को वित्तवर्ष 2018-19 जैसे हालात तक पहुंचने में तीन से चार साल लग जाएंगे। इंडस्ट्री के मुताबिक सभी वाहनों की कैटेगरी में 26 से 45 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है। 
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