नितिन गडकरी ने गुरूवार को लोकसभा में बताया कि देश में पिछले साल नया मोटर वाहन कानून लागू होने के बाद से 15 हजार लोगों की बचाने में सरकार सफल रही है और साथ ही इससे विभिन्न राज्यों में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि नया मोटर कानून लागू हुए पांच महीने का समय बीत चुका है और इसके चलते 15000 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2016 में देशभर में सड़क हादसों में 1,50,785 , साल 2017 में 1,47,913 और साल 2018 में 1,51,417 लोगों को जान गंवाना पड़ा था।
लेकिन नया कानून पास होने के बाद से सड़क हादसों में कमी दर्ज की गई है। इसके बाद गुजरात में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 14 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 13 फीसदी, मणिपुर में 4 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 7 फीसदी, महाराष्ट्र में 6 फीसदी, हरियाणा में 1 फीसदी और दिल्ली में 2 फीसदी कमी आई है।
हालांकि दो राज्य ऐसे भी रहे, जहां हादसों में मौतों में वृद्धि दर्ज की गई जिसमें केरल में 4.9 फीसदी और असम में 7.2 फीसदी शामिल हैं ।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि वाहनों के लिए जारी किए जाने वाले फास्ट टैग की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
ड्रंक ड्राइविंग से होने वाली दुर्घटनाएं घटीं
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरूवार को लोकसभा में बताया कि 2016 से 2018 के दौरान तीन वर्षों में देश में शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण 40983 दुर्घटनाएं घटीं।
गडकरी ने गिरिधारी यादव और रमा देवी के प्रश्न के लिखित उत्तर में 2016 से 2018 के दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुईं दुर्घटनाओं के आंकड़े दिए जिनके अनुसार 2016 में 14894, 2017 में 14071 और 2018 में 12018 दुर्घटनाएं घटीं।
उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 में शराब पीकर गाड़ी चलाने के अपराध के लिए कारावास या जुर्माने की सजा या दोनों के प्रावधान हैं।
गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने शराब पीकर गाड़ी चलाने से दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अनेक उपाय किए हैं।