मैकेनिकली जोड़ने के बजाय, नए इंटेलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन (iMT) का क्लच पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऑपरेट होता है, और इसमें 48V MHEV (माइल्ड-हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) पावरट्रेन के साथ जोड़ा गया है। iMT माइल्स-हाइब्रिड स्टार्टर जनरेटर (MHSG) के साथ काम करता है, जो इंजन को बंद करने के लिए किआ के आइडल स्टॉप एंड गो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम की तुलना में पहले बंद हो जाता है। यानी गाड़ी के न्यूट्रल या इंजन उपयोग ना आने पर उसे स्विच ऑफ कर देगा। यह सिस्टम गाड़ी की फ्यूल इकोनॉमी बढ़ता है और वास्तविक ड्राइविंग परिस्थितियों में कार्बन-डाई-ऑक्साइड उत्सर्जन को लगभग 3 फीसदी तक कम कर सकता है।
इस सिस्टम की खासियत यह है कि इंजन बंद होने के बावजूद गाड़ी उसी गियर में बनी रहती है। गाड़ी का ड्राइवर जैसे ही एक्सलरेटर या ब्रेक पर पैर रखेगा तो MHSG से पावर लेकर इंजन उसी गियर में वापस स्टार्ट हो जाएगा। यदि ड्राइवर क्लच पेडल को गियर बदलने के लिए दबाता है, या गाड़ी की रफ्तार मौजूदा लगे गियर के लिए बहुत कम है, तो आईएमटी गियरबॉक्स कार को ओपन क्लच के साथ न्यूट्रल पर ले आएगा।
'क्लच-बाय-वायर' टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है
कार को धीमी गति से आगे बढ़ाते रहने (Coasting) में यह गियरबॉक्स काफी मददगार होता है। ड्राइवर कार को गियर में छोड़ देता है और धीरे से कार को धीमा कर देता है। कार के गियर में रहने पर iMT गियरबॉक्स और MHSG को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल भेजता है जो इंजन को बंद कर देता है और क्लच को खोल देता है। इंजन बंद होने के साथ, कार धीमी गति से आगे बढ़ना जारी रहता है। जैसे ही ड्राइवर कार की रफ्तार को बढ़ाने के लिए एक्सलरेटर दबाता है या गियर बदलने के लिए कल्च दबाता है, MHSG इंजन को ड्राइवर के सिलेक्ट किए हुए गियर में या न्यूट्रल में स्टार्ट कर देता है।
MHSG और 48V बैटरी से इलेक्ट्रिक पावर तुरंत इंजन और ट्रांसमिशन को सही स्पीड तक पहुंचाता है। यदि कार एक निश्चित रफ्तार से कम में चलती है, तो इंजन MHEV सिस्टम की मदद से फिर से चालू हो जाता है, और क्लच बंद हो जाता है, ताकि लगे हुए गियर में इंजन को लोड से बचाया जा सके। इस टेक्नोलॉजी से स्टैंडर्ड मैनुअल गियरबॉक्स स्मार्ट तरीके से काम करता है जिससे ड्राइवर को काफी राहत मिलेगी।
मारुति की मैनुअल गियरबॉक्स के साथ माइल्ड हाइब्रिड इंजन वाली Ciaz (सियाज) और Ertiga (अर्टिगा) जैसी कारों में दिया गया इंजन स्टार्ट/स्टॉप का फीचर कार के पूरी तरह से रुक जाने और कुछ देर खड़े रहने के बाद ही काम करता है।
किआ मोटर्स, 'क्लच-बाय-वायर' टेक्नोलॉजी के साथ नया आईएमटी गियरबॉक्स अपनी आने वाली मॉडल्स में दे सकती है जिसकी शुरूआत रियो हैचबैक के यूरोपियन मॉडल वाले हाइब्रिड अपडेटेड मॉडल से हो सकती है। इस मॉडल में 1.0 लीटर टर्बो माइल्ड हाइब्रिड इंजन दिया गया है। इस साल के आखिर तक कंपनी अपने नए इंजन की रेंज और माइल्ड हाइब्रिड पावरट्रेन भी पेश कर सकती है।
किआ मोटर्स की भारत में मौजूद लाइनअप में किसी भी मॉडल में माइल्ड हाइब्रिड पावरट्रेन नहीं मिलता है। कंपनी की भारत में सब-4 मीटर एसयूवी Sonet (सोनेट) को जल्द लॉन्च करने वाली है। इस एसयूवी को कंपनी शायद ही माइल्ड हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ उतारे। हालांकि ऐसी उम्मीद है कि आने वाले समय में कंपनी भारत में अपनी किसी माइल्ड हाइब्रिड कार में नया आईएमटी गियरबॉक्स सिस्टम दे।