पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के आसपास है। रिपोर्ट के मुताबिक ईंधन की कीमतें कम होनें की संभावना नहीं है। तेल की कीमत बढ़ने से वाहन चलाने का खर्च बढ़ गया है। जानिए ड्राइविंग के दौरान ऐसे उपाय, जिन्हें अपनाकर वाहन का माइलेज बढ़ाते हुए ईंधन की बचत की जा सकती है। और इस तरह पैसों की बचत हो सकेगी। जानिए माइलेज बढ़ाने के कुछ जरूरी टिप्स।
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car on highway
- फोटो : For Representation Only
वाहन की स्पीड पर रखें ध्यान
गाड़ी की माइलेज को बेहतर बनाने के लिए वाहन को एक निरंतर रफ्तार में चलाना, अकसर एक महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है। गाड़ी की रफ्तार को अचानक बढ़ा देना या अचानक ब्रेक लगाना माइलेज कम करने की वजहें साबित हो सकती हैं। गाड़ी की स्पीड को स्थिर बनाए रखने से इन कारकों को साधा जा सकता है। इससे यह भी सुनिश्चित हो जाता है कि चालक को ड्राइविंग के दौरान अकसर गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।
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car gear
- फोटो : For Representation Only
गियर बदलने की टाइमिंग है अहम
मैनुअल ट्रांसमिशन वाली गाड़ियों में, रेकमेंड की गई स्पीड पर ही गियर बदलना जरूरी है। आजकल ज्यादातर नई कारों में ड्राइवर के डिस्प्ले पर यह बताया जाता है कि कितनी स्पीड पर गियर बढ़ा देना चाहिए या कम देना की जरूरत है। लेकिन पुराने वाहनों के भी कुछ इस तरह से चलाना चाहिए कि उनके इंजन अनावश्यक आवाज न करें।
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ट्रैफिक लाइट
ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन स्विच ऑफ करें
ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट हो जाने पर भी कई लोग अपनी गाड़ी का इंजन बंद नहीं करते हैं। लेकिन अगर ट्रैफिक सिग्नल 30 सेकंड से ज्यादा का है तो इंजन को बंद कर देना ही समझदारी भरा काम होगा। अध्ययनों से पता चलता है कि ट्रैफिक सिग्नल पर एक घंटे तक इंजन चालू रखने से करीब 150 रुपये का ईंधन जल जाता है। सिग्नल पर वाहन का इंजन बंद कर दे से तेल भी बचेगा और प्रदूषण भी नहीं होगा।
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car tyre pressure
- फोटो : For Representation Only
टायर प्रेशर संतुलित रखें
चालक को वाहन चलाते समय ध्यान देने चाहिए कि उनके वाहन का टायर प्रेशर हमेशा मैन्युफैक्चरर गाइड के मुताबिक रहे। ऐसे में यह अच्छा होगा कि कही भी गाड़ी को लेकर निकलने से पहले हवा चेक करा लें। नहीं तो कम से कम हफ्ते में एक बार टायर के एयर प्रेशर की जांच कराना हमेशा फायदेमंद साबित होगा। क्योंकि कम हवा होने पर वाहन के इंजन पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है और माइलेज कम हो जाती है।
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Car AC
- फोटो : For Representation Only
जरूरत पर ही एसी चालू करें
ऐसा देखा जाता है कि कई लोग जरूरत ना होने पर भी कार के एयर कंडीशनर को चालू रखते हैं। ऐसा करने से कार में तेल की ज्यादा खपत होती है। सुबह या शाम ड्राइविंग के समय अगर मौसम ठीक हो तो कार के एयर कंडीशनर को चलाने से बचना चाहिए। ऐसा कर आप कीमती ईंधन की बचत कर सकते हैं।
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Traffic Jam
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैफिक एप का उपयोग करें
भले ही आप रोज किसी सड़क से आते-जाते हों। लेकिन अगर आप जीपीएस नेविगेशन चालू कर लें तो इससे बहुत मदद मिलती है। आप ज्यादा ट्रैफिक वाली सड़कों पर यात्रा करने से बच सकते हैं। ट्रैफिक एप पर मोटर चालकों को किन रास्तों में ट्रैफिक की क्या स्थिति है, यह बताया जाता है, साथ ही सबसे छोटा रास्ता सुझाया जाता है, जिससे गाड़ी के ईंधन की बचत में मदद मिलती है।
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car servicing
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समय से सर्विसिंग जरूरी
अगर आपको कार से माइलेज चाहिए तो आपके कार का इंजन, क्लच, गियर आदि पार्ट्स का अच्छे तरीके से काम करना जरूरी है और इसके लिए जरूरी है कि कार की सर्विसिंग समय-समय पर होती रहे। सर्विसिंग हमेशा ऑथराइज्ड वर्कशॉप या फिर किसी भरोसमंद मैकेनिक से ही कराएं। समय-समय पर गाड़ी की इंजन ऑयल बदलती रहने, फ्यूल और इग्निशन सिस्टम की जांच, पुराने फिल्टर बदलने जैसी चीजों से भी गाड़ी की माइलेज बेहतर होती है।
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Car Mileage
- फोटो : For Refernce Only
बढ़िया ईंधन भराएं
अपने वाहन में किसी भी पेट्रोल पंप या सड़क किनारे तेल भरवाने से बचें। क्योंकि कई बार इन जगहों से तेल में मिलावट की खबरें भी मिलती हैं। वहीं कोशिश करें कि रात या सुबह के समय पेट्रोल भराएं। क्योंकि रात के समय पेट्रोल या डीजल गाढ़ा होता है।
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car mileage
- फोटो : For Representation Only
फ्यूल एडिटिव्स का करें इस्तेमाल
फ्यूल एडिटिव्स (Fuel Additives) न सिर्फ गाड़ी की फ्यूल एफिशिअंसी बढ़ातें हैं। बल्कि इससे इस्तेमाल से गाड़ी की टॉप स्पीड और परफॉरमेंस में भी फर्क पड़ता है। दरअसल लंबे वक्त तक फ्यूल टैंक में पेट्रोल या डीजल के उपयोग से उसके फ्यूल इंजेक्टर्स पर कार्बन जम जाता है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल में मौजूद गंदगी से जंग की समस्या भी पैदा होने लगती है। जिसके चलते गाड़ी की स्मूदनेस खत्म हो जाती है और इंजन में वाइब्रेशन होने लगती है। वहीं गाड़ी के माइलेज पर भी असर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल कारों के लिए अलग-अलग फ्यूल एडिटिव्स मिलते हैं। ये एडिटिव्स फ्यूल इंजेक्टर्स की सफाई करने के साथ प्रदूषण में भी कमी लाते हैं। इसके अलावा फ्यूल लाइन और फ्यूल टैंक में भी लगे पुराने जंग और वाइब्रेशन को भी खत्म करते हैं।
फास्टैग लगाएं
FASTag न सिर्फ अनिवार्य हो गया है, इन RFID स्टिकर से यह सुनिश्चित होता है कि टोल प्लाजा पर आपकी कार बिने रूके आवाजाही कर सके। इससे नकदी भुगतान वाले लेन में जाने से भी बचा जा सकता है, जहां कार को पहले गियर में धीरे-धीरे बढ़ाना पड़ता है, और इससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है।