राष्ट्रीय राजमार्गों पर गाड़ियों की आवाजाही को सुगम और ब्रेकर-फ्री बनाने के लिए स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) को हटाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के उद्देश्य से फास्टैग व्यवस्था को 15 दिसंबर 2019 से लागू किया गया है।
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स्पीड ब्रेकर
- फोटो : अमर उजाला
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि सड़कों को अलग-अलग परिस्थितियों में गाड़ियों की गति नियंत्रित करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है ताकि इन पर वाहनों का परिचालन सुगम और सुरक्षित तरीके से हो सके।
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speed breakers
मंत्रालय ने कहा, "वाहनों की आवाजाही (विशेषकर टोल प्लाजा पर) को सुगम बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। टोल प्लाजा पर फास्टैग को प्रभावी तरीके से लागू करने और नकद में पथ कर (टोल टैक्स) वसूलने की व्यवस्था को फास्टैग से बदलने के लिए वहां बने गति अवरोधकों और रंबल स्ट्रिप्स को तत्काल प्रभाव से हटाया जा रहा है ताकि आवाजाही को आसान बनाया जा सके।"
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speed breakers
बयान में कहा गया कि कुछ स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करने और सुरक्षित बनाने के लिए गति पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है।
मंत्रालय ने कहा कि वाहनों को तेज या धीमा करते समय गति अवरोधक काफी दिक्कत पैदा करते हैं। इनकी वजह से ईंधन खपत भी बढ़ती है। गति अवरोधक हटाए जाने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।