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बीएस-6 ईंधन से लेकर फास्टैग तक, ऑटोमोबाइल बाजार में इस साल आए ये 5 बड़े नियम

Fri, 29 Dec 2017 08:35 AM IST
amarujala.com, Presented by: विशाल अहलावत
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Rules comes in Automobile Sector
साल 2017 खत्म होने को है। ऐसे में आपकी पसंदीदा वेबसाइट अमर उजाला पाठकों को साल भर की बड़ी खबरों और ट्रेंडिग टॉपिक्स से रूबरू करा रही है। साल 2017 में ऑटोमोबाइल सेक्टर में कई नए नियम लाए गए हैं। इसमें बीएस-6 ईंधन से लेकर फास्टैग जैसे बड़े नियम शामिल हैं। डालते हैं इनपर नजर
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Effect of BS6 Fuel
बीएस-6 ईंधन 
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए भारत सरकार नया नियम लाई है। इसके तहत दिल्ली में 1 अप्रैल 2018 से बीएस-IV ग्रेड के पेट्रोल और डीजल के बजाय बीएस-VI ग्रेड का ईंधन मिलेगा। हालांकि, इससे पहले बीएस-VI ग्रेड के ईंधन की बिक्री 1 अप्रैल 2010 से होनी थी। मंत्रालय का कहना है कि इससे दिल्ली और आसपास के शहरों में प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी.
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FASTag Toll Tax - फोटो : ICICI
फास्टैग
केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर 1 दिसंबर से सभी नए चार पहिया वाहनों पर 'फास्टैग' (FASTag) उपकरण लगाना कर दिया है। नोटिफिकेशन में साफ तौर पर कहा गया है कि 1 दिसंबर या इसके बाद बिकने वाले वाहनों पर 'फास्टैग' लगाना जरूरी होगा। फास्टैग एक प्रकार का उपकरण है जो कार के अगले शीशे पर लगाया जाता है। इसके जरिए टोल प्लाजा पर बिना रुके ही टोक टैक्स सीधे बैंक खाते से कट जाता है। 

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car crash guards
क्रैश गार्ड
भारत सरकार ने कार में लगाए जाने वाले बंपर गार्ड (बुलबार्स) पर रोक लगा दी है। सरकार ने कहा है कि कार में ऐसे बुलबार्स लगाना मोटर वीइकल एक्ट, 1988 के सेक्शन 52 का उल्लंघन हैं।  दरअसल, पिछले दिनों हुए एक सर्वे में सामने आया था कि जिन वाहनों पर बंपर गार्ड लगा होता है। उनसे हादसे अधिक होते हैं और वह गलत तरीके से वाहनों को दौड़ाते हैं।
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front airbags Feature
सेफ्टी फीचर्स
मार्च 2019 से हर कार निर्माता कंपनी को अपनी कार में फ्रंट एयरबैग्स, स्पीड वार्निंग और रिवर्स पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स देने अनिवार्य रुप से देने होंगे। भारत सरकार यह कदम सड़क दुर्घटना और मरने वालों की संख्या को कम करने के लिए उठाया है। स्पीड वार्निंग के जरिए 80 किमी/घंटा की रफ्तार से ज्यादा होते ही ड्राइवर को चेतावनी दी जाएगी। रिवर्स पार्किंग असिस्ट के जरिए ड्राइवर को पार्किंग या कार को पीछे करते समय सुविधा होगी।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर अपना फैसला सुनाएगी।
10 साल पुराने डीजल वाहन
एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल) ने इस साल पुराने डीजल वाहनों को लेकर बड़ा फैसला दे दिया था। एनजीटी के फैसले के बाद 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों का डी-रजिस्ट्रेशन होगा। इस सीधा मतलब है कि सड़कों से 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन हटेंगे। इसके अलावा 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर भी रोक लगाई गई थी। 
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