देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) के जरिये टोल वसूली की व्यवस्था रविवार सुबह 8 बजे से लागू हो गई। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों पर टोल नाके पर लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा दिलाने के लिए फास्टैग सिस्टम लागू किया गया है। फिलहाल टोल प्लाजा पर 100 फीसदी के बजाय 75 फीसदी टोल लेन पर ही ईटीसी के जरिये फास्टैग से शुल्क काटा जाएगा। बाकी 25 फीसदी लेन पर वाहन मैनुअल तरीके से टोल चुकाकर यात्रा कर पाएंगे। इससे पहले टोल नाके पर सिर्फ एक नगदी लेन रखने और उससे गुजरने पर दोगुनी टैक्स वसूलने की बात थी।
केंद्र सरकार ने अभी तक सभी वाहनों के रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) आधारित फास्टैग जारी नहीं हो पाने की वजह से थोड़ी राहत दी है। मंत्रालय के शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि ज्यादा वाहनों की आवाजाही वाले टोल प्लाजा पर कुल टोल लेन के 25 फीसदी को हाइब्रिड मोड में उपयोग किया जा सकता है।
हालांकि बिना फास्टैग वाले वाहनों के ईटीसी लेन में घुसने पर दोगुना टोल वसूले जाने के आदेश में बदलाव नहीं किया गया है। यानी बिना टैग वाली गाड़ी अगर फास्टैग लेन में आती है तो उन्हें दोगुना भुगतान करना पड़ेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को शनिवार को दिए आदेश में अगले 30 दिन यानी 15 जनवरी तक यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है।
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Fastag Banks
फास्टैग कैसे खरीदें
फास्टैग को 22 अधिकृत बैंकों से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) जैसे विभिन्न चैनलों से ऑफलाइन खरीदा जा सकता है। ऐक्टिवेशन के वक्त बैंक की केवाईसी (नो योर कस्टमर) पॉलिसी के तहत आपको KYC डॉक्युमेंट्स जमा कराना होगा। केवाईसी डॉक्युमेंटेशन के अलावा, बैंक को फास्टैग के ऐप्लिकेशन के साथ-साथ गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी देना होगा।
फास्टैग की बिक्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा और चुनिंदा बैंक शाखाओं में हो रही है। साथ ही इसकी बिक्री अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी हो रही है।
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fastag
फास्टैग की कीमत
बहुत आम सवाल है कि फास्टैग को खरीदने के लिए कितने रुपये खर्च करने पड़ेंगे। अधिकृत बैंक फास्टैग जारी करने के लिए अधिकतम 100 रुपये चार्ज कर सकते हैं। इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने तय किया है।
बैंक, फास्टैग के क्रेता से पहली बार खरीदे जाते वक्त सुरक्षा निधि व अन्य शुल्क लेने के साथ कुछ बैलेंस अमाउंट खाते में बनाए रखने योग्य राशि लेते हैं। हालांकि, टैग जारी करने के असल चार्ज बैंक तय करते हैं। यह अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग है।
इसके साथ ही फास्टैग के टॉप-अप चार्ज भी अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकते हैं। इस अंतर के बारे में बैंकों की वेबसाइट या फिर संबंधित बैंक की किसी शाखा में जाकर जानकारी ली जा सकती है।
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फास्टैग
- फोटो : Amar Ujala
पेटीएम से भी खरीद सकते हैं फास्टैग
पेटीएम फास्टैग रियूजेबल टैग है। यह भी आरएफआईडी तकनीक पर ही काम करता है। फास्टैग को आपके पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट और पेटीएम वॉलेट से जोड़ा जा सकता है। इसलिए आपके पेटीएम वॉलेट में पर्याप्त पैसा होना जरूरी है, इस बात को पहले से ही सुनिश्चित कर लें।
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Fastag RFID CHIP
- फोटो : AmarUjala
एचडीएफसी बैंक से खरीद सकते हैं फास्टैग
एचडीएफसी बैंक रिलोडेबल/रिचार्जेबल फास्टैग जारी करता है। इनसे आप पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने 420 से ज्यादा टोल प्लाजा पर शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए आप बैंक के आधिकारिक एजेंट के कार्यालय अथवा टोल प्लाजा पर प्वाइंट-ऑफ-सेल से फास्टैग खाता सक्रिय करा सकते हैं। आपको बस अपने केवाईसी कराने के लिए अपनी पहचान से जुड़े समस्त मूल दस्तावेज और उनकी फोटो कॉपी लेकर जाना होगा। एचडीएफसी बैंक के फास्टैग की वैधता पांच वर्ष होती है।
यदि आपका फास्टैग आपके बैंक खाते से लिंक है तो आपको प्रीपेड वॉलेट में अलग से रुपये या बैलेंस रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि आपको लिंक कराए गए अपने बैंक खाते में बैलेंस या पर्याप्य राशि बनाए रखनी होगी। इसलिए घर से निकलते वक्त ही इस बात पर गौर कर लें, ताकि टोल प्लाजा पर भुगतान आसानी से हो जाए।
यदि आपने फास्टैग को प्रीपेड वॉलेज से लिंक कराया है तो क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/एनईएफटी/आरटीजीएस या नेट-बैंकिंग, चेक या अन्य ऑनलाइन माध्यम इनमें से किसी का भी इस्तेमाल आप रिचार्ज करने के लिए कर सकते हैं। इस तरह के अन्य माध्यमों से रिचार्ज करने के लिए आपको मामूली सा अतिरिक्त शुल्क अवश्य चुकाना होगा।
केवाईसी करा चुके वाहन चालक या फास्टैग के क्रेता इसमें एक लाख रुपये तक का रिचार्ज करा सकते हैं। वहीं लिमिटेड केवाईसी वाले क्रेता अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट में बीस हजार रुपये से ज्यादा की राशि नहीं रख सकते हैं। सिर्फ यही नहीं हर महीने इसमें राशि डालने की सीमा भी बीस हजार रुपये ही है।